9/11 हमले के 25 साल: क्या टल सकती थी वो भयानक तबाही? जानिए उस दिन की कहानी और खुफिया तंत्र की बड़ी चूक

9/11 आतंकी हमले के 25 साल! 11 सितंबर 2001 को कैसे 19 आतंकियों ने अमेरिका की नींव हिला दी? जानिए 2977 मासूमों की शहादत, राष्ट्रपति को मिली चेतावनियों की अनदेखी और 'वॉर ऑन टेरर' की पूरी कहानी, जिसने दुनिया का इतिहास हमेशा के लिए बदल दिया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 11 September 2026, 10:31 AM IST

Washington: 11 सितंबर 2001 की वह सुबह इतिहास के पन्नों में काले अक्षरों से दर्ज है। आज उस भयानक आतंकी हमले को पूरे 25 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसके जख्म आज भी हरे हैं। 19 आतंकियों ने चार हवाई जहाजों को हाईजैक करके अमेरिका के अभिमान यानी न्यूयॉर्क के ट्विन टावर्स और अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन को निशाना बनाया था।

इस भीषण हादसे में 90 देशों के 2,977 बेकसूर लोगों की जान चली गई थी। इस हमले ने न केवल अमेरिका को हिलाकर रख दिया, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा व्यवस्था और राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया।

जब चेतावनियों को किया गया अनसुना

9/11 हमले के 25 साल बाद आज भी सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि दुनिया की सबसे ताकतवर खुफिया एजेंसियों (CIA और FBI) से इतनी बड़ी चूक कैसे हुई? आधिकारिक 9/11 आयोग की रिपोर्ट बताती है कि हमले से पहले ही अमेरिकी सरकार के पास खतरे के ढेरों इनपुट मौजूद थे।

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जनवरी से सितंबर 2001 के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति को अल-कायदा से जुड़ी 40 से ज्यादा खुफिया रिपोर्ट्स दी गई थीं। 6 अगस्त 2001 को तो राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश को दी गई ब्रीफिंग का शीर्षक ही था 'बिन लादेन अमेरिका में हमले के लिए तैयार है'। इसके बावजूद एजेंसियों के बीच आपसी तालमेल की कमी और ढिलाई के कारण इस चेतावनी को गंभीरता से नहीं लिया गया।

ओसामा बिन लादेन और 10 साल का लंबा इंतजार

हमले की जांच में यह साफ हो गया कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन था। इस हमले का बदला लेने के लिए अमेरिका ने अफगानिस्तान पर हमला बोल दिया और 'वॉर ऑन टेरर' (आतंकवाद के खिलाफ जंग) का ऐलान कर दिया।

हालांकि, दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति को अपने सबसे बड़े दुश्मन तक पहुंचने में 10 लंबे साल लग गए। आखिरकार 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में एक गुप्त सैन्य ऑपरेशन चलाकर अमेरिकी सील कमांडोज ने लादेन को ढेर कर दिया।

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वॉर ऑन टेरर और आज की दुनिया

9/11 के बाद शुरू हुई जंग ने पूरी दुनिया का ढांचा बदल कर रख दिया। हवाई अड्डों पर सुरक्षा जांच के कड़े नियम लागू हुए और पासपोर्ट-वीजा की प्रक्रियाएं जटिल हो गईं। अमेरिका की उस एक चूक ने न केवल अपनी सरजमीं पर तबाही झेली, बल्कि दो दशकों तक मध्य पूर्व को युद्ध की आग में झोंके रखा। 25 साल बाद आज भी 9/11 हमें याद दिलाता है कि सुरक्षा में बरती गई जरा सी लापरवाही कितनी भारी पड़ सकती है।

Location :  Washington

Published :  11 September 2026, 10:31 AM IST