
प्रेमानंद के शिष्य की मौत पर कई सवाल (IMG: Dynamite News)
Mathura: वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण की मौत का मामला अभी भी पुलिस जांच में है। 25 वर्षीय दीपक की मौत आश्रम की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। घटना के बाद उनके शरीर पर गंभीर चोटें मिली थीं और चिकित्सकीय जांच में प्राइवेट पार्ट कटा हुआ पाया गया था। मामले की परिस्थितियों को देखते हुए पुलिस कई पहलुओं से जांच कर रही है। मोबाइल कॉल डिटेल से लेकर CCTV फुटेज और आश्रम में आने-जाने वाले लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस की पूछताछ में सामने आया है कि दीपक आश्रम में ज्यादा लोगों से बातचीत नहीं करते थे। वह अक्सर अपने कमरे में शांत रहते थे। आश्रम में उनके साथ रहने वाले अन्य साधकों से पुलिस उनके व्यवहार और पिछले कुछ दिनों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आश्रम में उनके साथ रहने वाले जुगलशरण समेत आसपास के दुकानदारों से भी पूछताछ की है। दीपक बिजली का काम जानते थे और आश्रम की बिजली व्यवस्था से जुड़े कामों में सहयोग करते थे।
जांच में मोबाइल फोन को अहम माना जा रहा है। पुलिस दीपक की कॉल डिटेल और मोबाइल में उपलब्ध जानकारी की जांच कर रही है, ताकि घटना से पहले उन्होंने किन लोगों से संपर्क किया था और उनकी गतिविधियां क्या थीं, इसका पता लगाया जा सके। पुलिस आश्रम में आने-जाने वाले लोगों का डेटा भी तैयार कर रही है। इसके साथ ही दीपक के कमरे में आने-जाने और उनसे लगातार संपर्क रखने वाले लोगों की सूची तैयार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले दीपक किन परिस्थितियों से गुजर रहे थे।
संत प्रेमानंद महाराज के परिकर साधु की वृंदावन में मौत, प्राइवेट पार्ट कटा मिला
पुलिस जांच में CCTV फुटेज भी अहम कड़ी माना जा रहा है। सामने आए फुटेज में दीपक आश्रम की ऊंचाई से सड़क पर गिरते दिखाई देते हैं। इसके आधार पर पुलिस ने घटना के समय और घटनास्थल से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की है। हालांकि CCTV में उनके गिरने की घटना दिखाई देने से यह स्पष्ट होता है कि वह इमारत से नीचे गिरे, लेकिन उनके शरीर पर मिली अन्य चोटों और प्राइवेट पार्ट कटने की परिस्थितियों को लेकर पुलिस अलग से जांच कर रही है।
मामले में सबसे बड़ा सवाल दीपक के प्राइवेट पार्ट के कटे होने को लेकर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह चोट किस परिस्थिति में हुई। जांच के दौरान आश्रम के कमरे से एक ग्राइंडर मिलने की बात भी रिपोर्टों में सामने आई है। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल और कमरे से नमूने जुटाए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से मिलने वाले साक्ष्य मामले की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
दीपक की मौत के बाद वृंदावन के कुछ संतों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुछ संतों की ओर से मजिस्ट्रियल जांच तो कुछ की ओर से CBI जांच की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं परिवार की ओर से भी घटना को लेकर सवाल उठाए गए हैं। परिजनों ने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है और घटना की परिस्थितियों को लेकर अपनी शंकाएं जताई हैं।
दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारीशरण मूल रूप से मध्य प्रदेश के जबलपुर के रहने वाले थे। रिपोर्टों के मुताबिक, वह 2025 में वृंदावन आए थे और संत प्रेमानंद महाराज से दीक्षा लेने के बाद आश्रम में रहकर व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे थे। उनके शव का वृंदावन के केसी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। इसके बाद परिजन जबलपुर के लिए रवाना हो गए। इस दौरान परिवार की संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात नहीं हो सकी।
Location : Mathura
Published : 28 September 2026, 4:11 PM IST