यूपी के चर्चित आदित्य हत्याकांड में सपा नेता आरपी यादव समेत 14 दोषियों को उम्रकैद; 8 साल पहले रायबरेली में हुआ था जघन्य अपराध

रायबरेली के चर्चित आदित्य हत्याकांड में करीब सात साल बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सपा नेता आरपी यादव, सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। वहीं, पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर दो आरोपियों को बरी कर दिया गया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 18 August 2026, 5:22 PM IST

Raebareli: सात साल पुराने चर्चित आदित्य हत्याकांड में आखिरकार अदालत का फैसला आ गया। वर्ष 2019 में सोमू ढाबा पर हुए विवाद के बाद हुई आदित्य सिंह की हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने सपा नेता आरपी यादव, सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव समेत 14 आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, दो आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया। लंबे समय से इंसाफ का इंतजार कर रहे आदित्य के परिवार के लिए यह फैसला बेहद भावुक पल लेकर आया।

2019 में ढाबे पर हुआ था विवाद

यह मामला वर्ष 2019 का है और उस समय आदित्य हत्याकांड ने पूरे रायबरेली में सनसनी फैला दी थी। बताया गया कि सोमू ढाबा पर विवाद के बाद आदित्य सिंह की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने का भी प्रयास किए जाने की बात सामने आई थी।

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13 गवाहों की गवाही और साक्ष्यों पर टिका फैसला

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 13 गवाह पेश किए। गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और मामले से जुड़े अन्य सबूतों को अदालत के सामने रखा गया। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद 14 आरोपियों को दोषी माना। इसके बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश अमित पाल सिंह ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

सपा नेता और ढाबा मालिक भी दोषी

इस मामले में सजा पाने वालों में सपा नेता आरपी यादव और सोमू ढाबा के मालिक सुरेश यादव का नाम भी शामिल है। दोनों समेत कुल 14 आरोपियों को अदालत ने दोषी माना।

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दो आरोपियों को किया गया बरी

जहां एक ओर 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई, वहीं दो आरोपियों को अदालत से राहत मिली। अभिषेक सिंह और आरके यादव के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण अदालत ने उन्हें दोषमुक्त कर दिया।

फैसला सुनते ही छलक पड़े बहन के आंसू

फैसला सुनाए जाने के दौरान अदालत परिसर में भावुक माहौल देखने को मिला। जैसे ही न्यायालय ने 14 आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई, मृतक आदित्य की बहन की आंखों से आंसू छलक पड़े। परिवार ने करीब सात साल तक इस मामले में न्याय की लड़ाई लड़ी। फैसले के बाद परिजनों ने इसे न्याय की जीत बताया।

Location :  Raebareli

Published :  18 August 2026, 5:22 PM IST