Muzaffarnagar News: कोर्ट ने राजेंद्र सैनी हत्याकांड के दो दोषियों को दी फांसी की सजा, जानिए क्या था पूरा मामला

मुजफ्फरनगर के जिला एवं सत्र न्यायालय ने आठ साल पुराने बहुचर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में शनिवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया। फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने दोनों दोषियों गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन को फांसी की सजा सुनाई।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 20 June 2026, 2:49 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर स्थित न्यायालय ने आठ साल पुराने चर्चित राजेंद्र सैनी हत्याकांड में आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए दो दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस हत्याकांड में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि अपराध करने वाले व्यक्ति को डर होना चाहिए।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल मामला साल 2018 का है, जहां मीरापुर थाना क्षेत्र के खेड़ी गांव के जंगल में एक युवक का जला हुआ शव बरामद हुआ था। जिसके बाद में उसकी पहचान ककरौली निवासी 26 वर्षीय राजेंद्र सैनी के रूप में हुई। पुलिस जांच में ये सामने आया कि अवैध संबंधों के शक में राजेंद्र की हत्या की गई थी।

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गला दबाकर की हत्या

जानकारी के अनुसार, आरोपी चार जून 2018 को राजेंद्र सैनी नाम के एक युवक को बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले गए थे। जिसके बाद राजेन्द्र को पहले शराब पिलाई और फिर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। वारदात को छिपाने के लिए अभियुक्तों ने राजेन्द्र के शव को जंगल में ले जाकर जला दिया था।

उस दौरान जांच उपरांत पुलिस ने इस मामले में वीरसैन, गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की थी। ट्रायल के दौरान मुख्य आरोपी वीरसैन की जहां मृत्यु हो गई थी तो वही दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा न्यायालय में जारी रहा था।

आरोपियों को दिया फांसी

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं त्वरित न्यायालय कोर्ट संख्या-03 के पीठासीन अधिकारी रवि कुमार दिवाकर ने इस मामले में शनिवार को गजेंद्र उर्फ गीलू और राम किरण उर्फ सावन को दोषी करार देते हुए फांसी तथा एक-एक लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

अपराध करने से पहले खौफ जरूरी

आपको बता दे कि फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने इस मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि "अपराध करने वाले व्यक्ति को डर होना चाहिए।" बरहाल आठ साल तक कोर्ट में चले इस चर्चित मुकदमे को पीड़ित परिवार के लिए एक बड़ी न्यायिक राहत माना जा रहा है। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए सरकारी अधिवक्ता कुलदीप सिंह ने बताया कि मेरा नाम कुलदीप कुमार एडीजीसी क्राइम मामला हत्या का है 302 का यह राजेंद्र की थाना मीरापुर में इसकी हत्या कर दी गई थी हत्या करने के बाद इसको साक्ष्य छुपाने के लिए जंगल में ले जाकर महावीर के खेत में डाल दिया था।

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महावीर ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। पुलिस ने तीन अभियुक्त को पकड़ा था वीर सेन, गजेंद्र और राम किरण और विचारण के दौरान वीर सेन की मृत्यु हो चुकी है। गजेंद्र और राम किरण को आज कैप्टन पनिशमेंट सुनाया है और एक एक लाख का जुर्माना लगाया है। ये 5/6 2018 की घटना है। फास्ट ट्रैक कोर्ट ADJ 3rd फांसी की सजा सुनाई है और 1लाख रूपये का जुर्माना प्रत्येक व्यक्ति पर लगाया है। इनका विवाद कुछ गलत संबंध बता रहे थे वीर सेन की पत्नी से इनका गलत संबंध बताया जा रहा था राजेंद्र से।

 

Location :  Muzaffarnagar

Published :  20 June 2026, 2:45 PM IST