जब खाकी ही ‘फरार’, तो पीड़िता को कैसे मिलेगा इंसाफ? पॉक्सो और दुष्कर्म मामलों में न्याय में देरी, कोर्ट सख्त

उत्तर प्रदेश में दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों में विवेचकों की अनुपस्थिति से न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। आगरा की विशेष अदालत ने गवाही से बच रहे कई दरोगाओं का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं। अदालत ने पुलिस अधिकारियों को उन्हें तत्काल पेश कराने के निर्देश भी दिए।

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 7 August 2026, 3:58 PM IST

Agra: दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामलों में पीड़िताओं की गवाही पूरी होने और अदालत के फैसले के लिए तैयार होने के बावजूद कई मुकदमे केवल विवेचकों (जांच अधिकारियों) की अनुपस्थिति के कारण लंबित हैं। हाईकोर्ट की निगरानी के बावजूद कई विवेचक बार-बार सम्मन जारी होने के बाद भी अदालत में गवाही देने नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

गवाही नहीं देने से फैसले में हो रही देरी

अछनेरा, फतेहपुर सीकरी, हरीपर्वत और जगदीशपुरा थाना क्षेत्रों के कई मामलों में चार्जशीट दाखिल करने वाले विवेचक अदालत में गवाही देने नहीं पहुंच रहे हैं। इससे दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों का निस्तारण अंतिम चरण में पहुंचकर भी अटक गया है।

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कोर्ट ने वेतन रोकने के दिए आदेश

विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत ने इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए मैनपुरी, सहारनपुर, गाजियाबाद और आगरा के पुलिस अधिकारियों को संबंधित विवेचकों का वेतन रोकने और उन्हें अदालत में पेश कराने के निर्देश दिए हैं।

मोबाइल नंबर नहीं होने से बढ़ रही परेशानी

डीजीसी क्राइम राधा कृष्ण गुप्ता के अनुसार, अधिकांश विवेचक आरोपपत्र में अपना मोबाइल नंबर दर्ज नहीं करते, जिससे अभियोजन पक्ष के लिए उनसे संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में सम्मन तामील होने के बावजूद विवेचक अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ प्रतिकूल आदेश पारित किए हैं।

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तीन मामलों में अदालत की सख्ती

  1. फतेहपुर सीकरी थाने में वर्ष 2021 के पॉक्सो मामले के विवेचक दरोगा नीलकमल, जो वर्तमान में मैनपुरी के थाना एलाऊ में तैनात हैं, की अनुपस्थिति पर अदालत ने 20 जुलाई को एसपी मैनपुरी को उनका वेतन रोकने का आदेश दिया।
  2. इसी तरह हरीपर्वत थाने के वर्ष 2022 के पॉक्सो मामले में विवेचक अमित प्रसाद, जो वर्तमान में सहारनपुर पुलिस लाइन में तैनात हैं, के खिलाफ 13 जुलाई को एसएसपी सहारनपुर को वेतन रोकने के निर्देश दिए गए।
  3. वहीं अछनेरा थाने के वर्ष 2021 के पॉक्सो मामले में विवेचक प्रदीप कौशिक की गवाही बाकी रहने पर अदालत ने 10 जुलाई को पुलिस आयुक्त आगरा को उनका वेतन रोकने का आदेश जारी किया।

Location :  Agra

Published :  7 August 2026, 3:18 PM IST