
पॉक्सो और दुष्कर्म मामलों में न्याय में देरी (Img- Pinterest)
Agra: दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामलों में पीड़िताओं की गवाही पूरी होने और अदालत के फैसले के लिए तैयार होने के बावजूद कई मुकदमे केवल विवेचकों (जांच अधिकारियों) की अनुपस्थिति के कारण लंबित हैं। हाईकोर्ट की निगरानी के बावजूद कई विवेचक बार-बार सम्मन जारी होने के बाद भी अदालत में गवाही देने नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
अछनेरा, फतेहपुर सीकरी, हरीपर्वत और जगदीशपुरा थाना क्षेत्रों के कई मामलों में चार्जशीट दाखिल करने वाले विवेचक अदालत में गवाही देने नहीं पहुंच रहे हैं। इससे दुष्कर्म और पॉक्सो जैसे संवेदनशील मामलों का निस्तारण अंतिम चरण में पहुंचकर भी अटक गया है।
विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सोनिका चौधरी की अदालत ने इस लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए मैनपुरी, सहारनपुर, गाजियाबाद और आगरा के पुलिस अधिकारियों को संबंधित विवेचकों का वेतन रोकने और उन्हें अदालत में पेश कराने के निर्देश दिए हैं।
डीजीसी क्राइम राधा कृष्ण गुप्ता के अनुसार, अधिकांश विवेचक आरोपपत्र में अपना मोबाइल नंबर दर्ज नहीं करते, जिससे अभियोजन पक्ष के लिए उनसे संपर्क करना मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में सम्मन तामील होने के बावजूद विवेचक अदालत में उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जिसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ प्रतिकूल आदेश पारित किए हैं।
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Location : Agra
Published : 7 August 2026, 3:18 PM IST