
यूट्यूबर्स पर पुलिस का कड़ा पहरा (Img: Dynamite News)
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और कांवड़ियों के बीच हुई झड़प के बाद, अब इस मामले की जांच सोशल मीडिया से जुड़े एक नए पहलू की ओर मुड़ गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या कुछ लोग सोशल मीडिया पर लोकप्रियता और आर्थिक फायदा पाने के लिए जानबूझकर विवाद भड़का रहे थे। साइबर सेल ने इस कथित नेटवर्क से जुड़े डिजिटल सबूत इकट्ठा करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
जांच एजेंसियों को शक है कि कुछ कंटेंट क्रिएटर्स जानबूझकर तीर्थयात्रा के दौरान पुलिस के साथ बहस, ज़ुबानी नोक-झोंक या टकराव को बढ़ावा देते हैं। इन घटनाओं के वीडियो बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड किए जाते हैं ताकि वे वायरल हो सकें। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए ऐसे अकाउंट्स और वायरल वीडियो की बारीकी से जांच कर रही है।
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मुजफ्फरनगर पुलिस का साइबर सेल कांवड़ यात्रा के दौरान हुई घटनाओं से जुड़े सोशल मीडिया प्रोफाइल, वीडियो और ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल सबूतों के आधार पर इसमें शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और उनकी विशिष्ट भूमिकाओं की जांच की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा के लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस को शक है कि ये लोग अक्सर अलग-अलग कांवड़ समूहों के साथ यात्रा करते हैं और रास्ते में रिकॉर्ड किए गए वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। हालांकि, पुलिस ने साफ किया है कि इन विवरणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
SP (सिटी) अमित जैन ने कहा कि कांवड़ यात्रा भक्ति और आस्था का अवसर है। उन्होंने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर प्रसिद्धि या आर्थिक लाभ के लिए कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति या समूह के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऐसे सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की जा रही है, चाहे वे मुजफ्फरनगर से हों या अन्य जिलों से।
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पुलिस के अनुसार, साइबर टीम हरिद्वार, पानीपत, शामली और मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न स्थानों के पुराने वीडियो की भी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या अतीत में भी सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ने की ऐसी कोशिशें की गई थीं। पर्याप्त सबूत मिलने के बाद इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स के मामले में इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) एक्ट के तहत तय प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। सभी डिजिटल सबूत इकट्ठा करने के बाद सक्षम अधिकारियों को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी जाएगी; इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई जैसे अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाना के बारे में फैसला लिया जाएगा।
Location : Muzaffarnagar
Published : 13 July 2026, 7:29 PM IST