Sultanpur News: डीआरडीए में लंबे समय से जमे दो बाबुओं पर कार्रवाई, कार्यमुक्त किए गए मनोज और अमित श्रीवास्तव

सुलतानपुर के डीआरडीए में लंबे समय से संबद्ध दो बाबुओं मनोज कुमार श्रीवास्तव और अमित कुमार श्रीवास्तव को कार्यमुक्त कर दिया गया है। मामले में सामने आए पत्र में अभिलेखों में कथित हेराफेरी और नियमविरुद्ध फाइल आगे बढ़ाने जैसे आरोप लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 September 2026, 8:12 AM IST

Sultanpur: जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) में लंबे समय से संबद्ध होकर काम कर रहे दो कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है। परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह ने संबद्ध बाबू मनोज कुमार श्रीवास्तव और अमित कुमार श्रीवास्तव को कार्यमुक्त कर दिया है। साथ ही कार्यालय का काम प्रभावित न हो, इसके लिए जिला विकास अधिकारी (DDO) से दो योग्य बाबुओं की तैनाती की मांग की गई है।

पांच साल से अधिक समय से संबद्ध होने का मामला

मामले को लेकर 30 अगस्त 2026 को जिला विकास अधिकारी को संबोधित एक हस्तलिखित पत्र सामने आया है। पत्र में डीआरडीए में लंबे समय से संबद्ध कर्मचारियों को लेकर आपत्ति जताई गई है। इसमें दावा किया गया है कि संबंधित कर्मचारी पांच वर्ष से अधिक समय से डीआरडीए में कार्यरत हैं।

पत्र में दोनों कर्मचारियों के नाम का उल्लेख करते हुए विभागीय कार्यप्रणाली और अभिलेखों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही कथित तौर पर अभिलेखों में हेराफेरी और नियमविरुद्ध तरीके से फाइलों को आगे बढ़ाने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

Weather Update: जन्माष्टमी से एक दिन पहले कैसा रहेगा मौसम? दिल्ली-NCR समेत जानें हर शहर का हाल

कार्यमुक्त करने के साथ मांगे गए दो बाबू

विवाद के बीच परियोजना निदेशक अशोक कुमार सिंह की ओर से दोनों संबद्ध कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही डीडीओ को पत्र भेजकर कार्यालय के कामकाज को सुचारु रखने के लिए दो योग्य बाबुओं की तैनाती की मांग की गई है।

इस कार्रवाई के बाद डीआरडीए में लंबे समय से कर्मचारियों की संबद्धता को लेकर चल रही चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है। अब विभागीय स्तर पर यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों कर्मचारियों के स्थान पर किन कर्मचारियों की तैनाती की जाती है।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं

सामने आए पत्र में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए अभिलेखों की जांच और विभागीय जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर दोनों कर्मचारियों को कार्यमुक्त किए जाने की कार्रवाई सामने आई है।

Greater Noida: गांव में था इतना खौफ कि ग्रामीणों ने कर दिया था बहिष्कार, एनकाउंटर में मारे गए बलराज की पूरी कहानी

डीआरडीए में व्यवस्था पर उठे सवाल

जिला ग्रामीण विकास अभिकरण ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण कार्यालय है। ऐसे में लंबे समय तक एक ही कर्मचारियों के संबद्ध रहने और अभिलेखों व फाइलों के निस्तारण को लेकर सवाल उठना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पूरे मामले में निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच होती है तो अभिलेखों और फाइलों की प्रक्रिया की भी समीक्षा की जा सकती है।

 

Location :  Sultanpur

Published :  3 September 2026, 8:12 AM IST