
राम मंदिर चढ़ावे का काला खेल! (Img: Pinterest)
Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों ने पूछताछ के दौरान कबूल किया कि चोरी की गई रकम को छिपाने के लिए वे अपने रिश्तेदारों और करीबियों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। पहले रकम उनके खातों में भेजी जाती थी, फिर अलग-अलग माध्यमों से वापस अपने खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, ताकि धन के स्रोत पर किसी को शक न हो। जांच के दौरान इस दावे की पुष्टि बैंक लेनदेन से भी हुई है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने स्वीकार किया कि वे लगभग रोजाना चढ़ावे की नकदी में हेराफेरी करते थे। आरोप है कि इस काम में टिन्नू यादव और गणना प्रभारी सुभाष श्रीवास्तव की मिलीभगत से रकम निकालना आसान हो जाता था। आरोपियों ने यह भी बताया कि चोरी की नकदी और जेवर अलग-अलग स्थानों पर छिपाकर रखे गए हैं, जिनकी बरामदगी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने दान लेने के लिए फर्जी रसीदें छपवा रखी थीं। श्रद्धालुओं से चढ़ावे के नाम पर नकद राशि लेकर उन्हें नकली रसीद थमा दी जाती थी, जबकि पूरी रकम निजी तौर पर रख ली जाती थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर ऐसी एक रसीद भी बरामद की है।
एसआईटी की जांच के बाद आरोपियों और उनके परिजनों के करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। जांच में इन खातों में आय से अधिक लेनदेन पाए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि चोरी की रकम किन-किन खातों में पहुंची और उसका इस्तेमाल कहां किया गया। सूत्रों के अनुसार, कुछ दोस्तों और परिचितों के खाते भी जांच के दायरे में आ गए हैं। यदि उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है।
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जांच एजेंसियां आरोपी अनुकल्प मिश्रा द्वारा खरीदी गई कार की भी जांच कर रही हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन की खरीद में कहीं चढ़ावे की चोरी की रकम का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। यदि इसकी पुष्टि होती है तो कार को मामले में साक्ष्य के रूप में जब्त किया जा सकता है।
Location : Ayodhya
Published : 9 July 2026, 9:14 AM IST
Topics : ayodhya news crime news ram mandir news