
रेल अफसर को ब्लैकमेल करने वाली युवती जेल भेजी गई (Img: AI Generated Image)
Jhansi: रेल अधिकारी और उनके परिवार की तस्वीरों को कथित तौर पर AI की मदद से एडिट कर ब्लैकमेल करने के मामले में गिरफ्तार मरीना लाजरस उर्फ मरीना जेस्सी को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। पुलिस ने मामले में इस्तेमाल बताई जा रही तस्वीरों, व्हाट्सऐप चैट और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को अपने कब्जे में लिया है। अब इन तस्वीरों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तस्वीरों में किस तरह बदलाव किया गया था और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से हुआ।
मामला नवाबाद थाना क्षेत्र से जुड़ा है। रेल अधिकारी जितेंद्र कुमार शर्मा की पत्नी अंकिता भारद्वाज ने पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया कि मरीना AI की मदद से उनके और उनके परिवार के फोटो तैयार कर उन्हें ब्लैकमेल कर रही थी।
शिकायत के मुताबिक, कथित तौर पर आपत्तिजनक तस्वीरें व्हाट्सऐप के जरिए भेजी गईं और इन्हें वायरल करने की धमकी देकर 15 लाख रुपये की मांग की गई। परिवार ने डर के कारण अलग-अलग तारीखों में विभिन्न माध्यमों से करीब 40 हजार रुपये दिए, लेकिन आरोप है कि इसके बाद भी धमकियां जारी रहीं।
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शिकायत में महिला ने पुलिस को यह भी बताया कि आरोपी युवती दो जून को उनके घर पहुंची थी। आरोप है कि वहां महिला और उनके पति के साथ गाली-गलौज की गई और जान से मारने के साथ-साथ झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू की और आरोपी मरीना को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने अपने बारे में और रेल अधिकारी से पुराने परिचय से जुड़ी कई बातें पुलिस को बताईं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मरीना ने बताया कि उसके पिता रेलवे में नौकरी करते थे। उनकी मौत के बाद उसके भाई को मृतक आश्रित के आधार पर नौकरी मिलनी थी। इसी दौरान वह जितेंद्र शर्मा के संपर्क में आई थी। अब पुलिस इस पुराने परिचय और मौजूदा विवाद के बीच संबंध की भी जांच कर रही है। विवेचना में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने आरोपी के पास से एक लैपटॉप और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच के दौरान लैपटॉप से कई ऑडियो रिकॉर्डिंग मिलने की बात सामने आई है। पुलिस इन रिकॉर्डिंग की भी जांच कर रही है।इसके अलावा आरोपी के मोबाइल नंबरों की CDR (Call Detail Record) निकाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में थी और मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका है या नहीं।
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पुलिस ने वे तस्वीरें भी कब्जे में ले ली हैं, जिनके आधार पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया गया है। अब इन तस्वीरों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। जांच में तस्वीरों की असलियत, उनमें किए गए बदलाव और डिजिटल स्रोतों से जुड़ी जानकारी खंगाली जाएगी।
नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के मुताबिक, मामले की विवेचना शुरू हो चुकी है और सभी पहलुओं को जांच में शामिल किया जा रहा है। फिलहाल आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में है और पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच के जरिए पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
Location : Jhansi
Published : 12 September 2026, 3:34 PM IST