सच सामने आना चाहिए… टॉन्सिल ऑपरेशन के बाद 10 साल की बच्ची की बिगड़ी हालत, परिजनों के आरोपों से मचा हड़कंप

रायबरेली के एक निजी अस्पताल में टॉन्सिल ऑपरेशन के बाद 10 वर्षीय बच्ची की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्ची वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रही है, जबकि परिजनों ने इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन ने आरोपों से इनकार किया है। आखिर ऑपरेशन के बाद क्या हुआ।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 6 July 2026, 8:54 PM IST

Raebareli: रायबरेली शहर के इंदिरा नगर स्थित एक निजी अस्पताल में टॉन्सिल की सर्जरी के बाद 10 वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर होने का मामला सामने आया है। बच्ची को गंभीर स्थिति में लखनऊ के अपोलो अस्पताल रेफर किया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर भर्ती है। इस घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और पूरे मामले को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे हैं।

परिजनों ने लगाए इलाज में लापरवाही के आरोप

परिजनों का कहना है कि बच्ची को टॉन्सिल की सामान्य सर्जरी के लिए शाश्वत हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि ऑपरेशन के कुछ देर बाद बच्ची तेज दर्द से रोने लगी। इस पर डॉक्टर ने एक इंजेक्शन लगाया, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। परिवार का दावा है कि करीब आधे घंटे बाद नर्स ने फोन पर डॉक्टर से संपर्क किया और डॉक्टर ने बिना अस्पताल पहुंचे फोन पर ही दूसरा इंजेक्शन लगाने के निर्देश दिए।

परिजनों के अनुसार, दूसरा इंजेक्शन लगते ही बच्ची बेहोश हो गई और तब से उसे होश नहीं आया। उनका कहना है कि इसके बाद डॉक्टर पूरी टीम के साथ अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बच्ची की हालत काफी गंभीर हो चुकी थी।

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लखनऊ रेफर होने के बाद उठे नए सवाल

बच्ची को तुरंत लखनऊ के अपोलो अस्पताल रेफर किया गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। परिजनों का आरोप है कि वहां इलाज शुरू करने के लिए पहले दिए गए इंजेक्शन और दवाओं की जानकारी मांगी गई, लेकिन यह जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराई गई। उनका यह भी कहना है कि घटना के बाद जब वे अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल बंद मिला और डॉक्टर भी मौजूद नहीं थे।

अस्पताल ने आरोपों को बताया जल्दबाजी

उधर, डॉ. अमित के सहयोगियों ने परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि अस्पताल में मरीज को दी गई हर दवा, इंजेक्शन और इलाज का पूरा रिकॉर्ड फाइल में दर्ज किया जाता है और सभी जरूरी दस्तावेज पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। उनका कहना है कि बच्ची की हालत बेहद गंभीर होने के कारण परिजनों से बातचीत के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया था।

अस्पताल की ओर से यह भी कहा गया कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी डॉक्टर को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। लोगों से अपील की गई है कि अफवाहों या एकतरफा आरोपों पर भरोसा करने के बजाय जांच रिपोर्ट का इंतजार करें।

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प्रशासन करेगा पूरे मामले की जांच

इस मामले ने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। परिजनों ने निष्पक्ष जांच, इलाज से जुड़े सभी मेडिकल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं सिटी मजिस्ट्रेट राम अवतार ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और अगर किसी स्तर पर लापरवाही मिली तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Raebareli

Published :  6 July 2026, 8:54 PM IST