
2017 के रिश्वतकांड में CBI कोर्ट का फैसला (Img: Pinterest)
Raebareli: रायबरेली के दरियापुर जंक्शन रेलवे स्टेशन पर गुड्स क्लर्क के तौर पर काम करने वाले दुर्गेश बहादुर सिंह को रिश्वतखोरी के एक मामले में सजा सुनाई गई है। लखनऊ की CBI कोर्ट ने आरोपी को चार साल की जेल और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह फैसला 30 जुलाई को सुनाया गया।
बता दें कि यह मामला 2017 का है। CBI के मुताबिक, लखनऊ की R.D. सीमेंट इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि कंपनी समय पर रेलवे रैक से कच्चा माल नहीं उतार पाई थी। इसके चलते कंपनी पर 1.26 लाख रुपये का डेमरेज चार्ज (देरी के लिए जुर्माना) लगाया गया था। आरोप था कि गुड्स क्लर्क दुर्गेश बहादुर ने इस चार्ज को कम करने के बदले 60,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी।
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शिकायत के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और रिश्वत की रकम 7,200 रुपये तय हुई। इसके बाद CBI ने जाल बिछाया और आरोपी को 7,200 रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। जांच पूरी होने के बाद 30 नवंबर 2017 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई।
ट्रायल के दौरान कोर्ट ने CBI द्वारा पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयानों को माना। इसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया और चार साल की जेल के साथ 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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यह फैसला साफ संदेश देता है कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ कानून सख्त है। शिकायत मिलने पर जांच एजेंसियां कार्रवाई करती हैं और दोष साबित होने पर अदालत कड़ी सजा भी देती है।
Location : Raebareli
Published : 31 July 2026, 1:10 PM IST