
DIG के पास पहुंचा परिवार (IMG: Dynamite News)
Jhansi: झांसी से सामने आया यह मामला सिर्फ एक मासूम बच्ची से कथित छेड़खानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद गांव में हुई पंचायत और उसके कथित फरमान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि 9 साल की बच्ची के साथ मंदिर के पुजारी ने छेड़खानी की। जब यह बात परिवार और गांव के लोगों तक पहुंची तो पंचायत बैठी। बच्ची के पिता को भी पंचायत में बुलाया गया और कथित तौर पर आरोपी पुजारी को माफ करने का दबाव बनाया गया।
मामला झांसी के समथर थाना क्षेत्र के एक गांव का बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार के मुताबिक 28 जुलाई को 9 साल की बच्ची के साथ कथित तौर पर छेड़खानी की घटना हुई। आरोप मंदिर के पुजारी पर लगा। घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में पंचायत बुलाई गई। पिता का आरोप है कि पंचायत में उससे आरोपी पुजारी को माफ करने के लिए कहा गया। परिवार ने इस मामले में काफी सोच-विचार किया, लेकिन बच्ची के साथ कथित तौर पर हुई हरकत को देखते हुए पिता ने पंचायत के दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया। उसने पुलिस से शिकायत करने का फैसला लिया।
पिता के मुताबिक पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने के बाद गांव का माहौल बदल गया। जिन लोगों से परिवार का रोजमर्रा का संपर्क था, उनमें से कई लोगों ने दूरी बनानी शुरू कर दी। कुछ लोग चोरी-छिपे परिवार का साथ देते रहे, लेकिन खुलकर सामने आने से बचते रहे। आरोप है कि इसके बाद पंचों ने दोबारा पंचायत बुलाई। इस पंचायत में परिवार के खिलाफ सामाजिक बहिष्कार जैसा फैसला सुनाया गया। पिता का कहना है कि पंचायत के इस कथित फरमान के बाद परिवार के लिए रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल हो गई।
पीड़ित पिता का कहना है कि उनके घर में बच्चों के लिए जिस व्यक्ति के यहां से दूध आता था, उसने भी दूध देना बंद कर दिया। जब परिवार ने इसकी वजह पूछी तो कथित तौर पर उसने कहा कि यह गांव का मामला है और वह मजबूर है। एक तरफ 9 साल की बच्ची से जुड़ा गंभीर आरोप और दूसरी तरफ परिवार पर सामाजिक दबाव ने घरवालों की परेशानी बढ़ा दी है। पिता का कहना है कि परिवार पहले ही घटना के बाद से मानसिक तनाव में है और अब पंचायत के कथित फैसले ने उनकी मुश्किल और बढ़ा दी है।
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पंचायत के कथित फरमान से परेशान पिता आखिरकार झांसी डीआईजी कार्यालय पहुंचा। उसने लिखित शिकायत देकर पंचायत लगाने वाले लोगों और कथित तौर पर परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने वाले पंचों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पिता का कहना है कि अगर उसकी बेटी के साथ गलत हुआ है तो आरोपी के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। किसी पंचायत को यह अधिकार नहीं होना चाहिए कि वह परिवार को न्याय मांगने से रोके या कानून का सहारा लेने पर उसे सामाजिक रूप से अलग-थलग कर दे।
इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस की जांच में घटना से जुड़े तथ्यों को खंगाला जा रहा है। हालांकि पीड़ित परिवार के मुताबिक अभी तक आरोपी पुजारी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अब एक तरफ पुलिस जांच आगे बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ परिवार पंचायत के कथित फरमान को लेकर अधिकारियों के दरवाजे पर पहुंचा है।
Location : Jhansi
Published : 26 August 2026, 2:45 PM IST