Prayagraj: रोजगार सेवक और प्रधान में बढ़ी तनातनी, एसडीएम तक पहुंचा मामला; चुनाव से पहले गरमाया माहौल

प्रयागराज के कोरांव की ग्राम सभा धोबहट में प्रधान और रोजगार सेवक के बीच विवाद अब एसडीएम तक पहुंच गया है। प्रधान ने रोजगार सेवक पर ग्रामीणों को भड़काने, सरकारी काम में लापरवाही और योजनाओं से जुड़ी सूची में कथित बदलाव जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 October 2026, 3:05 PM IST

Prayagraj News: कोरांव तहसील की एक ग्राम सभा में प्रधान और रोजगार सेवक के बीच विवाद अब प्रशासन तक पहुंच गया है। ग्राम प्रधान ने रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाते हुए एसडीएम कोरांव से शिकायत की है। प्रधान का कहना है कि रोजगार सेवक अपने काम पर ध्यान देने के बजाय ग्राम सभा की राजनीति में दखल दे रहा है और ग्रामीणों को उनके खिलाफ भड़काया जा रहा है। शिकायत के बाद गांव का माहौल और गरमा गया है।

प्रधान ने एसडीएम को दिया शिकायती पत्र

मामला प्रयागराज जिले के कोरांव तहसील की ग्राम सभा धोबहट का है। यहां के प्रधान रामबली ने एसडीएम कोरांव को शिकायती पत्र देकर ग्राम सभा में तैनात रोजगार सेवक संत प्रजापति की शिकायत की है। प्रधान का आरोप है कि रोजगार सेवक ग्राम सभा में अपने निर्धारित काम पर ध्यान देने के बजाय स्थानीय राजनीति में ज्यादा दिलचस्पी ले रहा है। उनका दावा है कि रोजगार सेवक ग्रामीणों को उनके खिलाफ भड़काने का काम करता है, जिससे ग्राम सभा में विवाद की स्थिति बन रही है।

हालांकि, ये सभी आरोप प्रधान की शिकायत पर आधारित हैं। इन आरोपों पर रोजगार सेवक का पक्ष सामने नहीं आया है।

ये भी पढ़ें- साइबर ठगी में युवक के फंसे 35 हजार रुपये, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर ऐसे दिलाई पूरी रकम

अपना काम छोड़ दूसरे व्यक्ति से काम कराने का आरोप

प्रधान रामबली ने शिकायत में आरोप लगाया है कि रोजगार सेवक संत प्रजापति अक्सर ग्राम सभा में मौजूद रहने के बजाय ब्लॉक में बैठता है। प्रधान का दावा है कि ग्राम सभा से जुड़े कई काम वह खुद करने के बजाय नीरज कुमार नाम के व्यक्ति से करवाता है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मुख्यमंत्री आवास योजना से जुड़ी सूची में भी कथित तौर पर बदलाव किए गए। प्रधान के मुताबिक, ग्राम सभा की ओर से भेजी गई सूची में कुछ नाम हटाकर दूसरे लोगों के नाम जोड़ दिए गए।

आवास योजना की सूची को लेकर भी विवाद

प्रधान ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास योजना के लिए पात्र लोगों की ओर से तैयार की गई सूची में मनमाने तरीके से बदलाव किए गए। उनका कहना है कि पात्र लोगों की जगह दूसरे लोगों के नाम शामिल करने की कोशिश की गई। इसके अलावा रोजगार सेवक पर ग्रामीणों को काम दिलाने का प्रलोभन देने और उनसे धन उगाही करने के आरोप भी शिकायत में लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

ये भी पढ़ें- SIR विवाद में विपक्ष का बड़ा प्लान, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राष्ट्रपति से मुलाकात से महाभियोग तक, जानें पूरी रणनीति

चुनाव से पहले बढ़ी चिंता

ग्राम सभा में प्रधान और रोजगार सेवक के बीच चल रही तनातनी ऐसे समय सामने आई है, जब प्रधानी का चुनाव भी नजदीक बताया जा रहा है। ऐसे में दोनों पक्षों के बीच बढ़ता विवाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। प्रधान का कहना है कि अगर समय रहते प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद और बढ़ सकता है। वहीं, शिकायत के बाद अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।

Location :  Prayagraj

Published :  7 October 2026, 3:05 PM IST