Greater Noida PNB Scam: बीटेक पास चपरासी ने किया 10.24 करोड़ का खेल, CBI जांच में खुला राज

ग्रेटर नोएडा के PNB Scam में बीटेक पास बैंक कर्मचारी दीपांशी शर्मा पर ग्राहकों के खातों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप है। सीबीआई ने दीपांशी और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। जांच में 10.24 करोड़ रुपये के अनधिकृत लेनदेन का मामला सामने आया है।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 4 November 2026, 3:08 PM IST

Greater Noida: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शाखा में ग्राहकों के खातों से करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में जांच के दौरान कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। इस मामले की मुख्य आरोपी दीपांशी शर्मा बीटेक पास है और बैंक रिकॉर्ड में उसकी तैनाती कार्यालय सहायक यानी चपरासी के पद पर थी। आरोप है कि उसने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की। वह खासतौर पर जमीन अधिग्रहण का मुआवजा पाने वाले खाताधारकों को निशाना बनाती थी। सीबीआई ने इस मामले में दीपांशी समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

बैंक कर्मचारियों के पासवर्ड याद कर करती थी हेराफेरी

ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई स्थित ऐच्छर गांव की पीएनबी शाखा में हुई इस हेराफेरी को लेकर जांच में सामने आया है कि दीपांशी ने बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड याद कर लिए थे। आरोप है कि इसी जानकारी के आधार पर वह ग्राहकों के खातों से अनधिकृत तरीके से रकम निकालने और दूसरे खातों में भेजने में सफल रही।

जांच के अनुसार, दीपांशी ऐसे खाताधारकों को निशाना बनाती थी, जिन्हें जमीन अधिग्रहण का मुआवजा मिला था। इनमें कम पढ़े-लिखे लोग भी शामिल थे। उसने कई खाताधारकों को अपना निजी मोबाइल नंबर दे रखा था। जब कोई ग्राहक बैंक आने की बात करता तो वह पहले ही बैंक के बाहर पहुंच जाती थी और किसी न किसी बहाने से उसे अंदर जाने से रोक देती थी।

परिचितों के बैंक खातों में भेजी जाती थी रकम

आरोप है कि हेराफेरी से मिली रकम का लेनदेन छिपाने के लिए गांव के परिचितों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया। मामले में दीपांशी के अलावा प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी और शांती देवी के खिलाफ केस दर्ज है। ये सभी साकीपुर गांव के निवासी बताए गए हैं।

वहीं, आशुतोष पाठक और सरोज देवी ऐच्छर गांव के रहने वाले हैं। दोनों को दीपांशी का पूर्व परिचित और करीबी बताया गया है। एक अन्य आरोपी शालिनी मंडी श्याम नगर की निवासी है। जांच एजेंसियां इन सभी लोगों की भूमिका और उनके बैंक खातों के जरिये हुए लेनदेन की जांच कर रही हैं।

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PNB Fraud Case: सीबीआई ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

इस मामले में सीबीआई ने पहली बार कार्रवाई करते हुए बैंक की महिला कार्यालय सहायक दीपांशी और उसके निजी सहयोगी आशुतोष कुमार पाठक को गिरफ्तार किया है। सीबीआई की 3 नवंबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, आशुतोष को महाराष्ट्र के पुणे से गिरफ्तार किया गया। उसे पुणे की विशेष अदालत में पेश करने के बाद ट्रांजिट रिमांड हासिल की गई।

सीबीआई के अनुसार, ग्राहकों के खातों से अनधिकृत रूप से 10.24 करोड़ रुपये निकाले गए थे। हालांकि, शुरुआती शिकायतों में हेराफेरी का दायरा 35 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया था। खाताधारकों का आरोप है कि यह गड़बड़ी करीब तीन साल तक चलती रही।

सीबीआई ने 29 अक्टूबर को शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि खातों से निकाली गई रकम कहां भेजी गई और इस पूरे मामले में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

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70 प्रतिशत खाताधारकों का पैसा लौटाने का दावा

इस मामले में खाताधारकों को राहत मिलने की बात भी सामने आई है। खाताधारकों का नेतृत्व कर रहे ब्रिजेश भाटी के मुताबिक, बैंक की ओर से करीब 70 प्रतिशत खाताधारकों के खातों में पैसा वापस करने की बात कही गई है। शेष लोगों की रकम भी जल्द लौटाने का आश्वासन दिया गया है।

हालांकि, रकम वापस आने के बाद भी कई खाताधारक उसका इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं। इसकी वजह केवाईसी (KYC) प्रक्रिया पूरी होने में लग रहा समय है। खाताधारकों के मुताबिक, केवाईसी पूरी होने में दो से तीन दिन का समय लग रहा है।

फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है। जांच में यह साफ होने की उम्मीद है कि करोड़ों रुपये की इस हेराफेरी में कितने लोग शामिल थे और खाताधारकों की पूरी रकम कब तक वापस मिल पाएगी।

Location :  New Delhi

Published :  4 November 2026, 3:08 PM IST