
खेलते-खेलते खुली टंकी में गिरा मासूम (IMG: Dynamite News)
Deoria News: गांव में खेल रहा पांच साल का मासूम कब मौत के मुंह में समा गया, किसी को पता तक नहीं चला। कुछ देर पहले तक जिस बच्चे की आवाज गांव में गूंज रही थी, अचानक वहां चीख-पुकार मच गई। बैतालपुर ब्लॉक क्षेत्र के उद्योपुर गांव में शौचालय की खुली टंकी एक परिवार के लिए काल बन गई। खेलते समय 5 वर्षीय कन्हैया गौतम कथित तौर पर इसी खुली टंकी में गिर गया। जब तक परिवार को इसकी जानकारी हुई और बच्चे को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की खबर मिलते ही पूरे गांव में मातम पसर गया।
मामला जनपद देवरिया के बैतालपुर ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत उद्योपुर का है। मृतक बच्चे की पहचान कन्हैया गौतम के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब पांच वर्ष बताई जा रही है। परिजनों के मुताबिक कन्हैया घर के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान वह शौचालय के लिए बनी खुली टंकी के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। हादसे के बाद परिवार में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और आसपास के लोग बच्चे को बाहर निकालने के लिए जुट गए।
मासूम की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल उस खुली टंकी को लेकर उठ रहा है। परिजनों का आरोप है कि शौचालय निर्माण के लिए करीब एक साल पहले उन्हें छह हजार रुपये की राशि मिली थी। इसके बाद शौचालय की टंकी तो बना दी गई, लेकिन उस पर ढक्कन नहीं लगाया गया। परिजनों का दावा है कि टंकी करीब एक साल से इसी तरह खुली पड़ी थी। उनका कहना है कि परिवार और ग्रामीणों की ओर से कई बार इस समस्या की जानकारी संबंधित लोगों को दी गई, लेकिन टंकी को ढकने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
कन्हैया की मौत के बाद ग्रामीणों में भी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों और परिजनों ने ग्राम प्रधान तथा ब्लॉक स्तर के जिम्मेदार अधिकारियों पर कथित लापरवाही का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि खुले गड्ढे और टंकियां छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं। इसके बावजूद अगर कोई निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया जाता है और लंबे समय तक उस पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं की जाती, तो हादसे की आशंका बनी रहती है।
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मासूम की मौत के बाद परिजनों ने ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि टंकी लंबे समय से खुली पड़ी थी और इसके बावजूद इसे सुरक्षित करने की कोशिश नहीं की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टंकी कितने समय से खुली थी, इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों या ग्राम पंचायत को थी या नहीं और सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए थे।
हादसे के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि यह पता लगाया जाए कि शौचालय की टंकी खुले में क्यों पड़ी रही और इसकी सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार स्तर पर क्या कार्रवाई की गई। ग्रामीणों ने कथित लापरवाही की जांच कर दोषी पाए जाने वाले ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की मांग भी उठाई गई है।
Location : Deoria
Published : 2 October 2026, 8:02 PM IST