
लखनऊ में अवैध कोचिंग भवन में हुए भीषण अग्निकांड (Img: Dynamite News)
Meerut/Lucknow: लखनऊ में अवैध कोचिंग भवन में हुए भीषण अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार को निलंबित कर दिया गया है। प्रमुख सचिव के आदेश के बाद मेडा प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से उनके सभी विभागों का प्रभार वापस ले लिया। इस कार्रवाई को शासन की जीरो टॉलरेंस नीति और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, अनिल कुमार दो वर्ष पहले लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में सहायक अभियंता के पद पर तैनात थे। प्राथमिक जांच में सामने आया कि जिस भवन में भीषण आग लगी, वह उनके कार्यकाल से पहले बना था और उसे अवैध घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद संबंधित प्रवर्तन दल की ओर से भवन के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई नहीं की गई। जांच में इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही सामने आने के बाद शासन ने उनके निलंबन के आदेश जारी कर दिए।
शासन से निलंबन का आदेश मेरठ विकास प्राधिकरण पहुंचते ही प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अनिल कुमार को उनके सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया। उनके पास संपत्ति विभाग सहित चार महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी थी। अब इन विभागों का कार्यभार अन्य अधिकारियों को सौंप दिया गया है ताकि प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हों।
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे मामले में लखनऊ विकास प्राधिकरण के 18 अन्य अभियंताओं के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। इससे पहले इस मामले में भवन मालिक, कोचिंग संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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अब तक इस प्रकरण में चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध निर्माण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार का कहना है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
Location : Meerut/Lucknow
Published : 26 June 2026, 11:46 AM IST