Noida: नोएडा में बड़ा घोटाला? कॉमर्शियल प्लॉटों की रजिस्ट्री पर उठे सवाल, जांच से मचा हड़कंप

करोड़ों रुपये के वाणिज्यिक प्लॉटों से जुड़ा एक मामला जांच एजेंसियों के रडार पर है। दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आए तथ्यों ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए पूरा मामला।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 18 June 2026, 3:10 PM IST

Noida: नोएडा प्राधिकरण से जुड़े एक कथित वित्तीय अनियमितता मामले ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। आरोप है कि करोड़ों रुपये मूल्य के वाणिज्यिक प्लॉटों की रजिस्ट्री के दौरान ऐसी प्रक्रिया अपनाई गई, जिससे भारी मात्रा में जीएसटी देनदारी प्रभावित हुई। मामले के सामने आने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं और पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल शुरू कर दी गई है।

कमर्शियल प्लॉट को रखा गया अलग कैटेगरी में

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2022 से 2025 के बीच आवंटित कई बड़े वाणिज्यिक प्लॉटों (Plots) की रजिस्ट्री में भू-उपयोग की श्रेणी को लेकर सवाल उठे हैं। आरोप है कि जिन प्लॉटों को मूल योजना और ब्रोशर में वाणिज्यिक (Commercial) श्रेणी में दर्शाया गया था, उन्हें रजिस्ट्री के दौरान वित्तीय सेवाओं से संबंधित उपयोग की श्रेणी में दिखाया गया।

नियमों के पालन पर उठे सवाल

बताया जा रहा है कि वाणिज्यिक संपत्तियों पर निर्धारित जीएसटी (GST) देनदारी लागू होती है। ऐसे में रजिस्ट्री में दर्ज श्रेणी और मूल आवंटन दस्तावेजों के बीच अंतर को लेकर जांच एजेंसियों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इसी आधार पर पूरे मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

 जांच एजेंसियों की बढ़ी सक्रियता

मामले के प्रकाश में आने के बाद संबंधित जांच एजेंसियों की टीमों ने कई दिनों तक रिकॉर्ड (Record) और फाइलों की जांच की। रजिस्ट्रियों से जुड़े दस्तावेजों का मिलान किया गया और संबंधित अधिकारियों से भी जानकारी मांगी गई। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की पड़ताल की जा रही है।

बिल्डरों को जारी हुए नोटिस

सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कुछ बिल्डरों (Builders) को नोटिस जारी किए गए हैं। उनसे संबंधित वित्तीय लेनदेन और कर भुगतान से जुड़े दस्तावेज मांगे गए हैं। साथ ही पूरे मामले में जिम्मेदार पक्षों की भूमिका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

करोड़ों रुपये की देनदारी

प्रारंभिक आकलन में यह माना जा रहा है कि संबंधित प्लॉटों से जुड़ी कर देनदारी का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है। हालांकि अंतिम राशि का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल विभागीय स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन जारी है।

प्राधिकरण से भी मांगा जवाब

जांच के दौरान अधिकारियों ने यह जानने की कोशिश की कि संबंधित प्लॉटों के भू-उपयोग में कोई आधिकारिक बदलाव किया गया था या नहीं। मामले में प्राधिकरण से भी विस्तृत जवाब तलब किया गया है। विभिन्न विभागों के बीच दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

पूरा मामला अब जांच एजेंसियों की रिपोर्ट पर निर्भर है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे जुड़े कई और पहलुओं का खुलासा हो सकता है। वहीं प्रशासनिक और कारोबारी जगत की निगाहें भी इस जांच पर टिकी हुई हैं।

जांच में हो सकते हैं बड़े खुलासे

जांच अभी जारी है और अधिकारियों का कहना है कि सभी तथ्यों की गहन समीक्षा की जा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जिससे पूरे प्रकरण की तस्वीर और स्पष्ट होगी।

Location :  Noida

Published :  18 June 2026, 3:10 PM IST