
स्टेडियम से गायब हुआ राष्ट्रीय खिलाड़ी (IMG: AI Generated)
Agra: आगरा में एक राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी के अचानक गायब होने से सनसनी फैल गई है। मामला एकलव्य स्टेडियम के छात्रावास का है, जहां से 17 वर्षीय टेबल टेनिस खिलाड़ी वंश 31 जुलाई की सुबह अचानक लापता हो गया। बेटे के गायब होने के बाद पिता लगातार अधिकारियों के दरवाजे खटखटाते रहे, लेकिन अब उनकी नाराजगी पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सामने आ रही है। पिता का आरोप है कि पुलिस उनके बेटे को तलाशने के बजाय उन लोगों को बचाने में लगी है, जिन पर उन्होंने बेटे को प्रताड़ित करने और उसके साथ मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।
शाहगंज के नगला छउवा निवासी 17 वर्षीय वंश राष्ट्रीय स्तर के टेबल टेनिस खिलाड़ी हैं। वह आगरा के एकलव्य स्टेडियम के छात्रावास में रहकर अपनी खेल प्रतिभा को निखार रहे थे। परिवार के मुताबिक, 31 जुलाई की सुबह करीब पांच बजे वह अचानक लापता हो गए। सुबह के समय वंश के गायब होने की जानकारी सामने आने के बाद परिवार में हड़कंप मच गया। पिता शैलेश सिंह ने बेटे के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई और स्टेडियम के अधिकारियों व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। पिता ने क्रीड़ा अधिकारी संजय शर्मा, वार्डन समेत कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ नामजद तहरीर भी दी।
वंश के गायब होने के बाद पिता शैलेश सिंह का कहना है कि उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार संपर्क किया। उनका मकसद सिर्फ बेटे को ढूंढना और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराना था, जिन पर उन्हें शक है। शैलेश का दावा है कि इस दौरान कुछ राजनीतिक लोगों की ओर से भी उन पर दबाव बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्रीड़ा अधिकारी का नाम तहरीर से हटाने के लिए कहा गया, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
पुलिस ने इस मामले में बीट सिपाही नीलेश की ओर से दी गई सूचना के आधार पर नाबालिग के अपहरण की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बीट सिपाही ने जीडी में सूचना दर्ज कराई थी और उसी के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस इसे पूरी तरह विधि सम्मत कार्रवाई बता रही है।
पुलिस ने वंश की तलाश के लिए स्टेडियम और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में वंश कैंट स्टेशन की तरफ जाता दिखाई दिया। इसके बाद वह अकेले ट्रेन में जाता हुआ भी नजर आया। पुलिस के अनुसार उज्जैन में भी वंश को स्टेशन से अकेले जाते हुए देखा गया है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वंश ने लापता होने के करीब दो दिन बाद अपने एक दोस्त को फोन किया था।
वंश के पिता शैलेश सिंह पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि पुलिस बेटे को तलाशने के बजाय उन लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है, जिनके खिलाफ उन्होंने शिकायत की है। शैलेश का कहना है कि अगर उनके बेटे के साथ स्टेडियम में मारपीट या प्रताड़ना हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि बेटे के वापस मिलने तक वह चुप नहीं बैठेंगे।
लापता खिलाड़ी के पिता ने एक राजपत्रित अधिकारी और कुछ सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए भी तहरीर दी है। पुलिस के मुताबिक, इस तहरीर को जिलाधिकारी के पास भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
एसीपी सदर राम प्रवेश गुप्ता के मुताबिक, बीट सिपाही नीलेश ने जीडी पर सूचना दर्ज कराई थी। उसी आधार पर नाबालिग के अपहरण की प्राथमिकी दर्ज की गई है और यह कार्रवाई नियमों के मुताबिक है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और वंश की तलाश के लिए उपलब्ध सुरागों के आधार पर काम किया जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज में वंश के अकेले जाने की बात भी पुलिस ने बताई है।
Location : Agra
Published : 16 August 2026, 1:12 PM IST