जब पढ़े-लिखे हाथों में पहुंच गए तमंचे… मुजफ्फरनगर में मचा हड़कंप, अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़

मुजफ्फरनगर में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जिसने पढ़ाई-लिखाई के बाद अवैध हथियारों का धंधा शुरू कर दिया। चेकिंग के दौरान तीन युवकों को स्कूटी समेत पकड़ा गया, जिनके पास से तमंचे और कारतूस बरामद हुए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 June 2026, 6:37 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद में पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जिसने पढ़ाई-लिखाई के बाद अवैध हथियारों का कारोबार शुरू कर दिया था। भोपा थाना पुलिस ने बीती रात संदिग्ध वाहन चेकिंग के दौरान तीन युवकों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 10 अवैध तमंचे, 15 जिंदा कारतूस और एक स्कूटी बरामद हुई है।

गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान रोहित, निखिल और विकास भाटी के रूप में हुई है, जो मेरठ जनपद के रहने वाले बताए जा रहे हैं।

पढ़ाई के बाद बना हथियारों का धंधा

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि गिरफ्तार तीनों युवक पढ़े-लिखे हैं। पुलिस के अनुसार निखिल ने आईटीआई की पढ़ाई की है, विकास बीए पास है और एसएससी की तैयारी कर रहा था, जबकि रोहित 12वीं पास है और एक निजी कंपनी में काम करता था। इसके बावजूद ये तीनों मिलकर अवैध हथियारों की सप्लाई के धंधे में शामिल हो गए थे।

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मेरठ से खरीदकर जिलों में सप्लाई

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मेरठ से सस्ते दामों पर अवैध तमंचे खरीदते थे और उन्हें आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। जानकारी के अनुसार ये आरोपी एक तमंचा करीब 5000 रुपये में खरीदते थे और उसे 7000 रुपये तक में बेच देते थे। इसी अंतर से वे अच्छा लाभ कमा रहे थे।

"जब तक डिमांड रहेगी, सप्लाई चलती रहेगी"

पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बेखौफ होकर यह भी कहा कि जब तक अवैध हथियारों की मांग बनी रहेगी, वे सप्लाई जारी रखेंगे। उनका दावा था कि इस धंधे में कमाई आसान और तेज है, इसलिए वे इसमें जुड़े रहे। इस बयान ने पुलिस और जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है।

स्कूटी से करते थे ट्रांसपोर्ट

पुलिस ने बताया कि आरोपी हथियारों की सप्लाई के लिए स्कूटी का इस्तेमाल करते थे ताकि किसी को शक न हो। चेकिंग के दौरान जब उन्हें रोका गया तो उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं, जिसके बाद तलाशी में भारी मात्रा में हथियार बरामद हुए।

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पुलिस की कार्रवाई और जांच

इस पूरे मामले पर जानकारी देते हुए एसपी ग्रामीण अक्षय संजय महाड़िक ने बताया कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चल रही चेकिंग के दौरान यह कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनके नेटवर्क की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इनके पीछे और कौन लोग शामिल हैं। एसपी ग्रामीण ने बताया कि अभी तक आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है, लेकिन जांच जारी है।

नेटवर्क की गहराई से जांच जारी

पुलिस का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआत हो सकती है। अब इनके फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है ताकि पूरे अवैध हथियार नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। अधिकारियों ने साफ किया है कि इस गिरोह में जो भी अन्य लोग शामिल होंगे, उनके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  25 June 2026, 6:37 PM IST