कोरियर से आते थे नकली नोट और दुबई में पाकिस्तानी नेटवर्क, मुजफ्फरनगर पुलिस के हत्थे चढ़ा खतरनाक अंतरराज्यीय गैंग

मुजफ्फरनगर की बुढाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान वैगनआर कार सवार तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर 1 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की है। इस अंतरराज्यीय गैंग का कनेक्शन बेंगलुरु से कोरियर और दुबई के जरिए पाकिस्तानियों से जुड़ रहा है। पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसियां अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 6 August 2026, 7:17 PM IST

Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए नकली करेंसी चलाने वाले गैंग का खुलासा किया है। बुढ़ाना कोतवाली पुलिस ने चेकिंग के दौरान वैगनआर कार सवार तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 1 लाख रुपये की नकली करेंसी, तीन मोबाइल फोन और एक वैगनआर कार बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सलीम, माजिद और जीशान के रूप में हुई है।

बाजार में नकली नोट खपाने की तैयारी में थे आरोपी

दरअसल, बुढ़ाना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ लोग इलाके में नकली करेंसी चलाने की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके में चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान एक वैगनआर कार को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें पुलिस को बड़ी मात्रा में नकली करेंसी मिली।

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पुलिस ने मौके से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से नकली नोटों के अलावा मोबाइल फोन और कार भी जब्त कर ली।

मेरठ से बेंगलुरु तक फैला था नकली नोटों का नेटवर्क

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उनका एक अंतरराज्यीय गैंग है। यह गैंग मेरठ के मवाना क्षेत्र निवासी साहिल और शाहनवाज नाम के आरोपियों से 40 हजार रुपये में 1 लाख रुपये की नकली करेंसी मंगवाता था।

आरोपियों के मुताबिक साहिल और शाहनवाज बेंगलुरु निवासी माइकल फर्नांडीज से 30 हजार रुपये में 1 लाख रुपये की नकली करेंसी हासिल करते थे। नकली नोट कोरियर के माध्यम से बेंगलुरु से भेजे जाते थे।

QR कोड के जरिए होता था पैसों का लेन-देन

पुलिस जांच में सामने आया है कि नकली करेंसी की डिलीवरी लेने के बाद आरोपी QR कोड के माध्यम से रकम का भुगतान करते थे। इसमें 30 हजार रुपये बेंगलुरु भेजे जाते थे, जबकि 10 हजार रुपये साहिल और शाहनवाज को दिए जाते थे।

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इसके बाद गैंग के सदस्य नकली नोटों को बाजार में अलग-अलग जगहों पर चलाते थे। इस पूरे नेटवर्क में आरोपी 40 हजार रुपये खर्च कर 1 लाख रुपये की नकली करेंसी हासिल करते थे और करीब 60 हजार रुपये का मुनाफा कमाते थे।

माजिद के दुबई कनेक्शन की भी जांच शुरू

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी माजिद वर्ष 2023 में दुबई गया था और वहां कुछ समय तक रहा था। पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई है कि माजिद की मुलाकात कुछ पाकिस्तानी नागरिकों से हुई थी।

इस जानकारी के बाद इंटेलिजेंस टीम और स्थानीय पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकली करेंसी नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई कनेक्शन है या नहीं।

NSA की कार्रवाई की तैयारी

मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि बुढ़ाना पुलिस ने नकली करेंसी के मामले में तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में इस नेटवर्क का कनेक्शन बेंगलुरु से जुड़ा मिला है।

उन्होंने बताया कि एक आरोपी सलीम इस पूरे नेटवर्क का मुख्य कड़ी है, जिसके जरिए नकली करेंसी का सिस्टम चल रहा था। मामले की जांच के लिए पुलिस टीम बेंगलुरु भेजी जा रही है।

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एसएसपी ने कहा कि इस मामले में इंटेलिजेंस टीम भी जांच कर रही है और जो भी लोग इस नेटवर्क से जुड़े पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने मामले में NSA जैसी कठोर कार्रवाई करने की भी बात कही है।

Location :  Muzaffarnagar

Published :  6 August 2026, 7:17 PM IST