
शामली में हत्या से पहले 2 घंटे तक गांव में घूमे बदमाश (IMG: AI Generated)
Shamli: शामली के कैराना इलाके के तीतरवाड़ा गांव में सोमवार रात गोलियों की आवाज से दहशत फैल गई। बाइक सवार चार नकाबपोश बदमाश गांव में दाखिल हुए और कथित तौर पर एक युवक की हत्या करने के इरादे से घूमते रहे। ग्रामीणों ने जब संदिग्ध लोगों को टोका तो बदमाशों ने फायरिंग कर दी। इसके बाद ग्रामीणों ने उनका पीछा शुरू कर दिया। भागते समय हुई फायरिंग में सड़क पर टाइल लगाने का काम करने वाले 35 वर्षीय तसव्वर के पेट में गोली लग गई। अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इस घटना ने गांव में मौजूद पुलिस चौकी और रात की गश्त को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि बदमाश करीब दो घंटे तक गांव में घूमते रहे, लेकिन पुलिस को उनकी गतिविधियों की भनक तक नहीं लगी। अब एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने पुलिस की लापरवाही की जांच कराने की बात कही है। इधर, पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ लिया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।
सोमवार रात करीब 10 बजे से पहले तीतरवाड़ा गांव में सब कुछ सामान्य था। इसी दौरान बाइक पर सवार चार नकाबपोश युवक गांव में पहुंचे। ग्रामीणों के मुताबिक, बदमाश काफी देर तक अलग-अलग स्थानों पर घूमते रहे। कुछ लोगों को उनकी गतिविधियां संदिग्ध भी लगीं, लेकिन शुरुआत में किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद गांव में गोलियां चलने वाली हैं। बताया गया कि सद्दाम के मकान के सामने गली में कुछ ग्रामीण बैठक के बाहर बैठे थे। इसी दौरान नकाबपोश युवक वहां आकर खड़े हो गए। वे काफी देर तक आपस में बातचीत करते रहे। ग्रामीणों ने जब उनसे वहां खड़े होने की वजह पूछी तो मामला अचानक बिगड़ गया।
फायरिंग के बाद ग्रामीणों ने बदमाशों का मुकाबला करने की कोशिश की। बदमाश बाइक से भागने लगे तो ग्रामीण भी उनके पीछे दौड़ पड़े। इसी दौरान ग्रामीणों ने बाइक सवार बदमाशों पर डंडा फेंककर मारा। बताया जा रहा है कि इससे बदमाश बाइक समेत सड़क पर गिर गए। खुद को घिरता देख बदमाश बाइक मौके पर छोड़कर ईदगाह की तरफ भाग निकले। ग्रामीणों ने उनका पीछा करना जारी रखा। इसी दौरान बदमाशों ने दोबारा फायरिंग कर दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घायल तसव्वर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैराना ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन उपचार के दौरान मंगलवार सुबह करीब चार बजे तसव्वर ने दम तोड़ दिया। तसव्वर की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, वहां गम और गुस्से का माहौल बन गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। तसव्वर के भाई सनव्वर के मुताबिक, वह सड़क पर टाइल लगाने का काम मजदूरी पर करता था और उसके चार छोटे बच्चे हैं।
बदमाशों के भागने के दौरान ग्रामीणों ने दो लोगों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुबारिक निवासी बापौली, पानीपत, हरियाणा और सोनिज निवासी मंडावर के रूप में हुई है। ग्रामीणों ने दोनों की पिटाई करने के बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए और घटना से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू की। मृतक के भाई सनव्वर की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। इनमें सोनिज, मुबारिक, बिलाल उर्फ बिल्लू निवासी मसूरा थाना झिंझाना और गौरव निवासी ऊंचा गांव के नाम शामिल हैं।
एएसपी सुमित शुक्ला ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या के पीछे पुरानी रंजिश सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी बिलाल कुछ समय पहले जेल गया था। उसे शक था कि उसके जेल जाने के बाद उसकी पत्नी के सद्दाम से संबंध बन गए थे। पुलिस के मुताबिक, बिलाल को यह भी शक था कि सद्दाम ने ही उसे जेल भिजवाया था। इसी रंजिश के चलते वह अपने साथियों के साथ सद्दाम की हत्या करने के इरादे से गांव पहुंचा था।
पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद फरार दोनों आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर फरार आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने यह भी बताया कि मृतक तसव्वर के खिलाफ कैराना और सहारनपुर के गंगोह थाने में लूट और मारपीट से जुड़े आठ मुकदमे दर्ज हैं।
शामली : रात में आए नकाबपोश, गोलियां चलीं और सुबह हो गया बड़ा कांड… आखिर किसे मारने पहुंचे थे बदमाश?
इस वारदात के बाद सबसे बड़ा सवाल पुलिस की रात की गश्त को लेकर उठ रहा है। ग्रामीणों का दावा है कि चार नकाबपोश बदमाश करीब दो घंटे तक गांव में घूमते रहे। उन्होंने ग्रामीणों के सामने फायरिंग भी की और इसके बाद भागते समय दोबारा गोलियां चलाईं। ग्रामीणों का सवाल है कि जब गांव में पुलिस चौकी मौजूद है तो संदिग्ध बाइक सवारों और नकाबपोश युवकों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर क्यों नहीं पड़ी? अगर पुलिस समय रहते गश्त करती और संदिग्ध लोगों से पूछताछ करती तो शायद घटना को टाला जा सकता था।
इसी बीच शामली के मोहल्ला अफगानान में महिला से छेड़छाड़ और उसके पति पर पेचकस से जानलेवा हमला करने के मामले में भी पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद घटना के 24 घंटे बाद तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी।
तसव्वर की मौत के बाद उसके पिता मीर हसन का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने कहा कि उनका बेटा मजदूरी करता था और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। अब उसके छोटे-छोटे बच्चों का क्या होगा। मीर हसन ने सरकार से हत्यारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिस तरह उनके बेटे को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया, उसके परिवार को इंसाफ मिलना चाहिए।
Location : Shamli
Published : 26 August 2026, 1:53 PM IST