यह सामुदायिक भवन है या जानवरों का बसेरा? गंदगी के बीच पढ़ रहे नौनिहाल, तस्वीरों ने खोल दी विकास की पोल

मिर्जापुर के मड़िहान तहसील क्षेत्र के गोपालपुर गांव में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए संचालित सामुदायिक भवन बदहाली का शिकार है। टूटे गेट, जर्जर बरामदा, गंदे शौचालय और चारों तरफ फैले कचरे के बीच नौनिहाल पढ़ने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सफाई और मरम्मत की मांग की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 16 August 2026, 4:20 PM IST

Mirzapur: जिस जगह पर नन्हे बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ना और खेलना चाहिए, अगर वही जगह गंदगी, कूड़े और जर्जर व्यवस्था के बीच तब्दील हो जाए तो सवाल सिर्फ सफाई व्यवस्था पर नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा और सेहत पर भी उठता है। मिर्जापुर के मड़िहान क्षेत्र के गोपालपुर गांव से सामने आई तस्वीरें कुछ ऐसा ही हाल बयां कर रही हैं। पांच साल से कम उम्र के नौनिहालों के लिए संचालित सामुदायिक भवन इन दिनों बदहाली की मार झेल रहा है। टूटे गेट, जर्जर बरामदा, गंदगी से पटे शौचालय और भवन के आसपास जमा कचरे ने पूरे परिसर की हालत खराब कर रखी है।

बच्चों के लिए बना भवन बदहाली का शिकार

मड़िहान तहसील क्षेत्र की ग्राम सभा गोपालपुर में पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिक्षा देने के लिए सामुदायिक भवन का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन भवन की मौजूदा हालत देखकर ऐसा लगता है कि इसकी देखरेख लंबे समय से ठीक तरीके से नहीं हुई है। भवन का गेट टूटा हुआ है और बरामदे की हालत भी जर्जर नजर आती है। परिसर में जगह-जगह कूड़ा और गंदगी फैली हुई है। ऐसे माहौल में छोटे बच्चों का रहना और पढ़ना उनके अभिभावकों के लिए भी चिंता का कारण बना हुआ है।

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गंदे शौचालय ने बढ़ाई सबसे बड़ी परेशानी

भवन में मौजूद शौचालयों की हालत भी बेहद खराब बताई जा रही है। शौचालय गंदगी से पटे हुए हैं और वहां साफ-सफाई का अभाव नजर आता है। छोटे बच्चों और खासकर बच्चियों को शौचालय जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर बच्चों के लिए बनाए गए भवन में ही साफ और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध नहीं होगा तो छोटे बच्चों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।

झाड़ियों में पड़ा डस्टबिन

सामुदायिक भवन के आसपास कचरे का ढेर लगा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि खुले में कचरा फेंकने से रोकने के लिए रखा गया डस्टबिन भी अपनी जगह पर इस्तेमाल होता नहीं दिख रहा। ग्रामीणों के मुताबिक डस्टबिन भवन के पास साफ जगह पर रखने के बजाय झाड़ियों और घास-फूस के बीच पड़ा हुआ है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब कूड़ा रखने की व्यवस्था मौजूद है तो फिर परिसर में जगह-जगह कचरा क्यों फैला हुआ है? अगर नियमित सफाई और निगरानी हो तो बच्चों के आसपास इस तरह गंदगी का अंबार नहीं लगना चाहिए।

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स्वच्छ भारत मिशन पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत साफ-सफाई को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। गांवों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए तमाम योजनाएं भी संचालित हैं, लेकिन गोपालपुर के सामुदायिक भवन की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि कागजों में व्यवस्थाएं दुरुस्त दिखाई जा सकती हैं, लेकिन मौके पर तस्वीर अलग है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

सामुदायिक भवन की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि छोटे बच्चों के लिए बनाए गए इस भवन को जल्द से जल्द साफ कराया जाना चाहिए। साथ ही टूटे गेट और जर्जर हिस्सों की मरम्मत कराने की जरूरत है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शौचालयों की तत्काल सफाई और मरम्मत कराई जाए।

Location :  Mirzapur

Published :  16 August 2026, 4:20 PM IST