
प्रतिकात्मक तस्वीर (Img: Internet)
Ghaziabad: एक कहावत है कि मोहब्बत ज़िंदगी को खूबसूरत बना सकती है लेकिन अगर कुछ नोकझोंक हो जाए तो मौत तक का सफर पार्टनर को तय करना पड़ता है। यह कहावत इस खबर पर बिलकुल सटीक साबित होती है। मामला गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र स्थित सिद्धार्थ विहार की वृंदावन हाउसिंग सोसाइटी का है, जहां एक कुंवारी लड़की को शादीशुदा आदमी से प्यार हो गया और ये प्यार लड़की को मौत तक लेकर चला गया।
हाउसिंग सोसाइटी में रहने वाली एक मेडिकल की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया। यह कोई सामान्य हादसा नहीं था, बल्कि एक भावनात्मक और मानसिक संघर्ष का अंतिम परिणाम था। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने छात्रा के कमरे का दरवाजा तोड़कर उसे फंदे से उतारा। उस कमरे में मिली मोबाइल वीडियो और डायरी ने मामला बेहद ज्यादा दुखद बना दिया।
मेडिकल छात्रा की पहचान
मृत छात्रा आरती (25 वर्ष) मूल रूप से मुजफ्फरनगर के थाना खतौली के गांव समौली की रहने वाली थी। वह नोएडा के एक नामी यूनिवर्सिटी से फीजियोथेरेपी की सेकेंड ईयर की पढ़ाई कर रही थी। सिद्धार्थ विहार में किराए के फ्लैट में अकेली रह रही थी। पड़ोसियों के अनुसार, वह पढ़ाई में होशियार और अपने मित्रों के बीच मिलनसार थी। लेकिन पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थी।
मोबाइल और डायरी में छुपा दर्द
पुलिस को छात्रा के मोबाइल से एक वीडियो मिला है। इसमें आरती ने फंदा लगाने से पहले खुद को जिम्मेदार ठहराया। वह दोस्त की शादी और अपनों द्वारा छोड़े जाने से आहत थी। पुलिस के अनुसार, उसने कहा कि “पहले परिवार ने मुझे ठुकराया, अब प्यार ने।” इसके अलावा कमरे से मिली डायरी में लिखा है, “मैं तो तुम्हारी पत्नी के पैर की जूती बनकर रह लेती पर अब क्या करूं। तेरा और मेरा रिश्ता विश्वास पर टिका था, जब से मैंने तुम्हें अपनी पत्नी के साथ देखा, मैं सदमे में हूं।” पुलिस सूत्रों के मुताबिक, रात 10 बजे से देर रात तक मोबाइल पर करीब 11 कॉल आईं और 23 चैट मैसेज मिले, जिनमें प्यार में धोखा खाने की बातें थी।
दोस्तों ने किया पुलिस को कॉल
मामले की गंभीरता तब और बढ़ी जब रात आरती के दोस्त ने उनके कमरे पर पहुंचकर दरवाजा खोलने की कोशिश की। दरवाजा अंदर से बंद था। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और देखा कि आरती फंदे पर लटकी हुई है। फोरेंसिक टीम ने मौके से मोबाइल और डायरी के अलावा कुछ अहम दस्तावेज भी जब्त किए।
परिजनों को सौंपा शव
पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। एसीपी नगर उपासना पांडेय के अनुसार, छात्रा ने अपने कमरे में आत्महत्या की है। घटनास्थल पर मिली वीडियो और डायरी ने साफ कर दिया कि यह कदम उसने मानसिक और भावनात्मक तनाव में आकर उठाया।
आत्महत्या के पीछे असली कारण
आरती के आत्महत्या की कहानी सिर्फ क्राइम ही नहीं बल्कि दर्दभरी दास्तां भी है। मेडिकल छात्रा की आत्महत्या की जांच अब पुलिस द्वारा पूरी तरह से की जा रही है। मोबाइल और डायरी की फोरेंसिक जांच से पता लगाया जा रहा है कि कोई तीसरा व्यक्ति इस मामले में शामिल तो नहीं था। आपको बता दें कि ये मामला सोमवार देर रात का है, लेकिन बुधवार को जांच के दौरान इस मौत मामले में कई बड़े खुलासे हुए हैं।
Location : Ghaziabad
Published : 11 March 2026, 5:57 PM IST