Maharajganj: अमावस्या के दिन मासूम की बलि देने की थी तैयारी, दिल्ली तक पुलिस ने किया पीछा

दो माह के मासूम का अपहरण, 100 से ज्यादा CCTV कैमरों की पड़ताल और महराजगंज से दिल्ली तक पुलिस का ऑपरेशन! अंधविश्वास की ऐसी खौफनाक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को झकझोर दिया। पुलिस के मुताबिक, मासूम विक्की को अगवा कर उसकी बलि देने की कथित साजिश रची गई थी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 November 2026, 1:58 PM IST

Maharajganj: उत्तर प्रदेश के महराजगंज में अंधविश्वास की ऐसी खौफनाक साजिश सामने आई है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह जाएगा। महराजगंज में घर से अगवा किए गए दो माह के मासूम विक्की की अमावस्या के दिन कथित तौर पर बलि देने की योजना बनाई गई थी। लेकिन इससे पहले ही महराजगंज पुलिस ने महराजगंज से दिल्ली तक पीछा कर कश्मीरी गेट बस स्टैंड से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस की तलाशी शुरू

घटना तीन नवंबर की रात ठूठीबारी थाना क्षेत्र के ग्राम राजाबारी टोला रमजीता की है। गांव निवासी गोविंद अपनी पत्नी और दो माह के बेटे विक्की के साथ घर में सो रहे थे। इसी दौरान रात करीब दो से चार बजे के बीच अज्ञात व्यक्ति घर में घुसा और मासूम को उठाकर फरार हो गया। सुबह बच्चा गायब मिलने पर परिवार में हड़कंप मच गया। पिता की सूचना पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी।

100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली

पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में ठूठीबारी पुलिस, एसओजी, स्वाट टीम और डॉग ट्रैकर स्क्वायड की संयुक्त टीमें गठित की गईं। पुलिस ने घटनास्थल से लेकर आसपास के रास्तों तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सुबह 3:57 बजे राजाबारी पुल के पास एक महिला हाथ में बच्चा लेकर निचलौल रोड की तरफ जाती दिखाई दी। आगे की फुटेज में महिला ठूठीबारी बस स्टैंड पहुंची और बस से शिकारपुर मोड़ पर उतरती नजर आई।

पुलिस ने तत्काल बच्चे को सकुशल बरामद किया

बस चालक से पूछताछ और स्थानीय सूचना के आधार पर महिला की पहचान घुघली थाना क्षेत्र के कफवा गांव निवासी सावित्री के रूप में हुई। इसके बाद सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रैक की गई। पुलिस टीम लगातार सुरागों का पीछा करते हुए दिल्ली पहुंची, जहां कश्मीरी गेट बस स्टैंड पर सावित्री अपने साथी करण कुमार गौतम के साथ मासूम को लेकर मिली। बच्चे की तस्वीर पिता को भेजी गई तो उन्होंने अपने बेटे विक्की के रूप में पहचान की। पुलिस ने तत्काल बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया।

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अमावस्या पर बलि देने की थी कथित योजना

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने चौंकाने वाला खुलासा किया। कथित तौर पर सरस्वती का पति और बेटा कई वर्षों से लापता हैं। परिवार में हुई अकाल मृत्यु की घटनाओं से परेशान होकर आरोपियों ने अंधविश्वास में मासूम की बलि देने की योजना बनाई थी। उन्हें विश्वास था कि ऐसा करने से लापता परिजन वापस आ जाएंगे और परिवार की परेशानियां समाप्त हो जाएंगी। नेपाल के बैरियहवा में एक कथित झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति द्वारा ऐसी सलाह दिए जाने की बात भी सामने आई है।

पुलिस ने सावित्री, सरस्वती और करण कुमार गौतम को गिरफ्तार किया है। बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं और किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

Location :  Maharajganj

Published :  7 November 2026, 1:58 PM IST