मटन करी से शुरू हुई दावत, फिर एक-एक कर 7 लोगों की मौत; बेंगलुरु हत्याकांड की पूरी कहानी

कर्नाटक के बेंगलुरु में एस. इंदुशेखर नाम के एक कैब ड्राइवर ने 15 दिनों के भीतर अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह सदस्यों की बेरहमी से हत्या कर दी। उसने शवों को बोरियों में लपेटा और अलग-अलग जगहों पर फेंक दिया।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 7 November 2026, 1:43 PM IST
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Bengaluru: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बेंगलुरू के राजाजीनगर इलाके में 52 वर्षीय कैब ड्राइवर एस. इंदुशेखर ने 15 दिनों के अंदर अपनी पत्नी और उसके परिवार के छह सदस्यों की हत्या कर दी। इसके बाद उसने शवों को प्लास्टिक और बोरियों में लपेटा, अपनी कार में रखा और अलग-अलग जगहों पर ठिकाने लगा दिया।

तमिलनाडु के सलेम जिले के जंगलों में इंदुशेखर की पत्नी सुनीता और उसकी सास रूपावती के शव मिलने के बाद, अब तक कुल तीन शव बरामद किए जा चुके हैं। परिवार के 12 सदस्य शवों की पहचान करने और जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए सलेम पहुंचे हैं।

जांच अधिकारियों के अनुसार, इंदुशेखर ने 14 अक्टूबर की रात अपनी पत्नी सुनीता की हत्या कर दी। अगले ही दिन, उसकी 17 वर्षीय बेटी ने अपनी दादी रूपावती को मटन करी खाने के लिए घर बुलाया। पुलिस का मानना ​​है कि यह बुलावा एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा था, ताकि रूपावती को घर बुलाकर उसकी हत्या की जा सके।

हत्याओं के लिए किस तरीके का इस्तेमाल किया?

पूछताछ के दौरान, आरोपी ने बताया कि वह पीड़ितों के खाने में नींद की गोलियां मिला देता था। जब वे गहरी नींद में सो जाते, तो वह टीवी की आवाज बहुत तेज कर देता था ताकि पड़ोसियों को किसी के चिल्लाने की आवाज न सुनाई दे। इसके बाद, वह 'सिलबट्टे' (मसाले पीसने के लिए इस्तेमाल होने वाला पत्थर का पारंपरिक उपकरण) से उनके सिर पर वार करके उनकी हत्या कर देता था।

हत्या के बाद खून को फैलने से रोकने के लिए, इंदुशेखर और उसकी बेटी शवों को प्लास्टिक और बोरियों की कई परतों में लपेट देते थे। तड़के सुबह, वह शवों को अपनी टोयोटा इटिओस कार की डिक्की में रखता और उन्हें दूर-दराज के इलाकों में ले जाकर ठिकाने लगा देता था। कार से परफ्यूम की आधी दर्जन बोतलें भी बरामद की गईं; माना जाता है कि इनका इस्तेमाल बदबू छिपाने के लिए किया गया था।

7 साल के बच्चे पर भी कोई रहम नहीं

जांच से पता चला है कि शवों को ठिकाने लगाने से पहले, आरोपी ने अपनी पत्नी और तीन अन्य महिलाओं के शरीर से सोने के गहने उतार लिए थे। इनमें से कुछ चीजें वह पहले ही बेच चुका था; अब पुलिस गहनों को बरामद करने के लिए खरीदारों की तलाश कर रही है।

इस बीच, 29 अक्टूबर को मारे गए 7 साल के पुनीत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पुष्टि हुई है कि उसके सिर और माथे पर किसी भारी चीज से चार बार वार किया गया था।

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अगला निशाना 10 साल का एक बच्चा था

बुधवार को पुलिस ने इंदुशेखर को उलसूरगेट के पास से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय, कार में 10 साल का एक बच्चा भी मौजूद था, जो पीड़ितों में से दो का बेटा था।

आरोपी ने बच्चे को अपने साथ यह कहकर रखा था कि उसके माता-पिता तीर्थयात्रा पर गए हैं। उस मासूम बच्चे को इस बात का कोई अंदाजा नहीं था कि उसके माता-पिता की हत्या कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी इस बच्चे को भी मार डालना चाहता था, लेकिन समय रहते आरोपी के पकड़े जाने से बच्चे की जान बच गई।

20 साल पुराना विवाद और संपत्ति से जुड़ा मकसद?

शुरुआती जांच से पता चलता है कि इंदुशेखर और उसकी पत्नी के बीच पिछले 20 सालों से अनबन चल रही थी। आरोपी का मानना ​​था कि जब भी उनके बीच कोई झगड़ा होता, तो उसकी पत्नी का परिवार हमेशा उसी का पक्ष लेता था।

इसके अलावा, पीड़ितों के परिवार का आरोप है कि लगभग 3 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद था—यह मामला फिलहाल पुलिस की जांच के दायरे में है। यह बात तब सामने आई जब एक के बाद एक कई रिश्तेदार लापता होने लगे। एक रिश्तेदार को शक हुआ क्योंकि सुनीता के फोन से केवल टेक्स्ट मैसेज आ रहे थे, जबकि वह किसी भी कॉल का जवाब नहीं दे रही थी।

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जांच में पता चला चौंकाने वाला राज

जांच में पता चला कि हत्याओं के बाद, इंदुशेखर खुद ही उसके फोन से ये मैसेज भेज रहा था। फिलहाल, पुलिस इन सभी सात हत्याओं, शवों को ठिकाने लगाने के तरीकों, गहनों की बिक्री और इस पूरे मामले में आरोपी की 17 वर्षीय बेटी की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

Location :  Bengaluru

Published :  7 November 2026, 1:43 PM IST

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