Maharajganj: तीन मासूमों की मौत पर फूटा गुस्सा: ईओ, जेई और नगर पालिका चेयरमैन पर भी मुकदमा दर्ज करने की मांग

सिसवा के विवादित निर्माणाधीन अमृत सरोवर में डूबकर जान गंवाने वाले तीन किशोरों का सोमवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने कार्यदाई संस्था के साथ नगर पालिका के ईओ, जेई और चेयरमैन पर भी मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर अंतिम संस्कार रोक दिया था। प्रशासन के आश्वासन के बाद तीनों मित्रों की चिताएं एक साथ जलाई गईं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 12:07 PM IST

Maharajganj: नगर पालिका परिषद सिसवा के वार्ड संख्या-25 मीराबाई नगर स्थित करोड़ों रुपये की लागत से बन रहे विवादित निर्माणाधीन अमृत सरोवर में डूबकर तीन किशोरों की मौत के बाद पूरे क्षेत्र में गम और आक्रोश का माहौल देखने को मिला। खेखड़ा घाट पर भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों दोस्तों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ तीन चिताओं के जलने का दर्दनाक दृश्य देखकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।

परिजनों ने नगर पालिका अध्यक्ष को भी मुकदमे में शामिल करने की उठाई मांग

अंतिम संस्कार से पहले मृतकों के परिजनों ने प्रशासन के सामने कड़ा विरोध जताते हुए मांग की कि केवल कार्यदाई संस्था दीपक कंस्ट्रक्शन के खिलाफ ही नहीं, बल्कि नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ), संबंधित जूनियर इंजीनियर (जेई) और नगर पालिका अध्यक्ष को भी मुकदमे में नामजद किया जाए। परिजनों का आरोप था कि निर्माणाधीन अमृत सरोवर में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे और प्रशासनिक लापरवाही के कारण तीन मासूमों की जान चली गई।

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प्रशासन के आश्वासन के बाद माने परिजन

मामले की गंभीरता को देखते हुए मौके पर कोठीभार थाना प्रभारी अखिलेश कुमार वर्मा, तहसीलदार अमित कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने परिजनों को समझाया कि कार्यदाई संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है तथा विवेचना के दौरान यदि अन्य अधिकारियों या जिम्मेदार लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके नाम भी मुकदमे में जोड़े जा सकते हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि निर्माणाधीन अमृत सरोवर की गुणवत्ता और निर्माण कार्य की पहले से जांच चल रही है तथा पूरे मामले पर जिलाधिकारी की सीधी नजर बनी हुई है।

काफी देर तक चली वार्ता और प्रशासन के आश्वासन के बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। इसके बाद भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच तीनों किशोरों की चिताएं एक साथ जलाई गईं। घाट पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे इलाके में मातम पसरा रहा।

नहाने गए थे चार दोस्त

गौरतलब है कि रविवार दोपहर करीब एक बजे मीराबाई नगर के पोखरा टोला निवासी राजबीर (13) पुत्र उमेश यादव, नीतीश यादव (12) पुत्र रमेश यादव, रोहन (13) पुत्र रामलखन तथा कृष्णा रौनियार (15) पुत्र कबूतर रौनियार निर्माणाधीन अमृत सरोवर में नहाने गए थे। नहाते समय रोहन, नीतीश और कृष्णा गहरे पानी और दलदल में फंसकर डूबने लगे। राजबीर किसी तरह तैरकर बाहर निकल आया और रस्सी के सहारे दोस्तों को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। इसके बाद उसने शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

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मृतकों में नीतीश कक्षा 6, रोहन कक्षा 7 और कृष्णा कक्षा 9 का छात्र था। कृष्णा और रोहन अपने-अपने परिवार के इकलौते बेटे थे। कृष्णा के पिता सब्जी व्यवसाय करते हैं, जबकि रोहन के पिता मेडिकल स्टोर पर कार्यरत हैं। वहीं नीतीश के पिता खेती-किसानी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

निष्पक्ष जांच की मांग तेज

इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे सिसवा क्षेत्र में शोक के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों में गहरा आक्रोश है। परिजनों और स्थानीय लोगों की मांग है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

Location :  Maharajganj

Published :  3 August 2026, 12:07 PM IST