
मनरेगा को लेकर निचलौल से सिसवा तक मचा हड़कंप (Img: Dynamite News)
Maharajganj: मनरेगा के नाम पर गांवों में विकास कार्यों के लिए आने वाला सरकारी पैसा कहीं कागजों और हाजिरी के खेल में तो नहीं उलझ रहा? महराजगंज में सामने आई एक रिपोर्ट ने इस सवाल को एक बार फिर गरमा दिया है। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में मौके की स्थिति और अभिलेखों में दर्ज श्रमिकों की हाजिरी को लेकर सवाल उठने के बाद अब ब्लॉक स्तर के अधिकारियों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है।
डीसी मनरेगा गौरवेंद्र सिंह ने जनपद के चार खंड विकास अधिकारियों को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस पाने वालों में निचलौल के बीडीओ संतोष यादव, लक्ष्मीपुर के बीडीओ मृत्युंजय यादव, परतावल के बीडीओ कृष्ण कांत शुक्ला और सिसवा के बीडीओ अर्जुन चौधरी शामिल हैं।
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मामला गांवों में मनरेगा के तहत कराए जाने वाले कार्यों से जुड़ा है। सामने आई रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि कुछ स्थानों पर मौके पर कार्य की स्थिति और सरकारी अभिलेखों में दर्ज विवरण को लेकर गंभीर सवाल हैं। साथ ही बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी दर्ज किए जाने को लेकर भी जांच की जरूरत सामने आई है।
हालांकि, नोटिस जारी होना किसी अधिकारी की दोषसिद्धि नहीं है। संबंधित बीडीओ को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया है और उनके जवाब के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तविक स्थिति क्या थी तथा जिम्मेदारी किस स्तर पर तय होती है।
महराजगंज में मनरेगा को लेकर पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। कुछ माह पूर्व सामने आए एक मामले में सचिव को निलंबित करने के साथ ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जैसी सख्त कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद दोबारा मनरेगा कार्यों और हाजिरी को लेकर सवाल उठना व्यवस्था की निगरानी पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
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फिलहाल चार बीडीओ को नोटिस जारी होने के बाद विकास विभाग में हलचल तेज है। मामला केवल नोटिस तक सीमित रहता है या जांच आगे बढ़कर जिम्मेदारी और कार्रवाई तक पहुंचती है, यह आने वाले दिनों में साफ होगा।
Location : Maharajganj
Published : 6 October 2026, 10:21 AM IST