“मैं तुम्हारे जैसे हज़ार पति रख सकती हूं।” पत्नी के ऐसा कहते ही शुरू हुआ मौत का गंदा खेल

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गर्भवती पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति की उम्रकैद की सजा को घटाकर सात साल का कठोर कारावास कर दिया। अदालत ने माना कि घटना पूर्व नियोजित नहीं थी, बल्कि पत्नी की कथित टिप्पणी से हुए अचानक और गंभीर उकसावे के बाद यह वारदात हुई।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 4 July 2026, 3:11 PM IST

Bhopal: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने सात महीने की गर्भवती पत्नी की हत्या के मामले में एक अहम फैसला सुनाते हुए दोषी पति की उम्रकैद की सजा को घटाकर सात साल के कठोर कारावास में बदल दिया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अदालत ने माना कि यह हत्या पहले से सोची-समझी नहीं थी, बल्कि अचानक हुए विवाद और गंभीर उकसावे के दौरान हुई थी।

क्या था पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यह मामला मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के चौरई ब्लॉक का है। 18 सितंबर 2021 को शिव कहार और उसकी पत्नी किरण के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। उस समय किरण सात महीने की गर्भवती थी। बहस के दौरान पति-पत्नी के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके बाद स्थिति हिंसक हो गई।

पत्नी की टिप्पणी के बाद उठाया पत्थर

जांच के दौरान आरोपी शिव कहार ने बताया कि विवाद के बीच उसकी पत्नी ने कहा, "मैं तुम्हारे जैसे हज़ार पति रख सकती हूं।" इस टिप्पणी से वह गुस्से में आ गया और पास पड़ा पत्थर उठाकर पत्नी के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से किरण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी ने अपने ससुर को सूचना दी और फिर पुलिस को भी पूरे मामले की जानकारी दी।

हाईकोर्ट ने क्यों बदली सजा?

18 जून को सुनाए गए फैसले में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से यह साबित नहीं होता कि आरोपी ने हत्या की पहले से कोई योजना बनाई थी। अदालत ने माना कि पत्नी की टिप्पणी पति के सम्मान और गरिमा पर सीधा आघात थी, जिसे भारतीय कानून के तहत "गंभीर और अचानक उकसावा" माना जा सकता है।

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उम्रकैद से घटकर हुई सात साल की सजा

निचली अदालत ने आरोपी को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि हाईकोर्ट ने अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि यह मामला पूर्व नियोजित हत्या का नहीं है। इसी आधार पर अदालत ने सजा में संशोधन करते हुए उम्रकैद की जगह सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला अब कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

Location :  Bhopal

Published :  4 July 2026, 3:08 PM IST