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लखनऊ आग हादसे में बड़ा खुलासा (AI Generated)
Lucknow: लखनऊ के अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की पड़ताल में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। अब बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) सुशील कुमार भी जांच के घेरे में आ गए हैं। जांच में सामने आया है कि कोचिंग सेंटर के परिसर में निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली खपत होने के बावजूद समय रहते आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई, जिससे सुरक्षा मानकों की अनदेखी का मामला उजागर हुआ है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में डालीगंज खंड में तैनात रहे एक्सईएन सुशील कुमार पर आरोप है कि उन्होंने उपभोक्ता वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला के बिजली कनेक्शन का बढ़ा हुआ लोड नजरअंदाज किया। रिकॉर्ड के मुताबिक 20 किलोवाट स्वीकृत लोड के मुकाबले सितंबर में 25.2 किलोवाट, अक्टूबर में 24.3 किलोवाट और नवंबर में 21.6 किलोवाट बिजली खपत दर्ज की गई थी। इसके बावजूद लोड बढ़ाने या उपभोक्ता को नोटिस जारी करने जैसी कार्रवाई नहीं की गई।
सूत्रों के अनुसार एसआईटी के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारियों ने बिजली विभाग के इंजीनियरों से इस संबंध में पूछताछ की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि स्वीकृत क्षमता से अधिक बिजली उपयोग का रिकॉर्ड लगातार उपलब्ध था, लेकिन विभागीय स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट एसआईटी ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दोबारा तलब किया है।
वहीं इस मामले में पहले से निलंबित एक्सईएन गौरव कुमार ने अपने कार्यकाल के दौरान 7500 उपभोक्ताओं का करीब 10 मेगावाट अतिरिक्त विद्युत लोड बढ़ाने का दावा किया है। उन्होंने प्रबंधन को सौंपी रिपोर्ट में 35 हजार से अधिक उपभोक्ताओं से जुड़े विभिन्न कार्यों का भी उल्लेख किया है।
एसआईटी अब यह पता लगाने में जुटी है कि बिजली लोड बढ़ाने से जुड़ी प्रक्रियाओं में किस स्तर पर चूक हुई और किन अधिकारियों की भूमिका संदिग्ध रही। जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
Location : Lucknow
Published : 24 June 2026, 9:37 PM IST