मेरठ के कपसाड़ गांव में हुए अपहरण और हत्या कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। तीन दिन बाद आरोपी पारस और युवती रूबी को सहारनपुर से बरामद किया गया। पूरे मामले की गहन जांच जारी है और गांव में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

सहारनपुर से बरामद हुई रूबी
Saharanpur: जिले के सरधना थाना क्षेत्र स्थित कपसाड़ गांव में हुए दिल दहला देने वाले अपहरण और हत्या कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। तीन दिन पहले दलित समुदाय की 20 वर्षीय युवती रूबी को ठाकुर बिरादरी का युवक पारस राजपूत दिनदहाड़े उठाकर ले गया था। युवती को बचाने आई उसकी बुजुर्ग मां सुनीता पर आरोपी ने धारदार हथियार से हमला कर उनकी निर्मम हत्या कर दी थी। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में जातीय तनाव और आक्रोश का माहौल बना दिया था।
लगातार दबिश और तकनीकी निगरानी के बाद शनिवार को मेरठ और सहारनपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी पारस और उसके साथ गई रूबी को सहारनपुर से बरामद कर लिया गया। दोनों को हिरासत में लेकर पुलिस मेरठ रवाना हो गई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
एसएसपी विपिन ताड़ा ने बताया कि युवती को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों से गहन पूछताछ की जाएगी, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ पाएगी। एसएसपी ने आम जनता से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील भी की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी में मुखबिर तंत्र और सर्विलांस की बड़ी भूमिका रही। घटना के बाद पारस ने अपने तीनों मोबाइल फोन बंद कर दिए थे, जिससे लोकेशन ट्रेस करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसके बावजूद पुलिस ने 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और लगातार संभावित ठिकानों पर नजर रखी।
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कपसाड़ गांव निवासी सत्येंद्र कुमार मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। परिवार में पत्नी सुनीता, तीन बेटे और एक बेटी रूबी थी। आर्थिक तंगी के कारण रूबी को करीब ढाई साल पहले पढ़ाई छोड़नी पड़ी थी। परिवार उसकी शादी को लेकर प्रयास कर रहा था, लेकिन किस्मत ने उन्हें ऐसा घाव दिया, जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकेगी।
8 जनवरी की सुबह रूबी अपनी मां सुनीता के साथ खेत पर अपने पिता सत्येंद्र के पास जा रही थी। उन्हें नरेंद्र के खेत में गन्ने की छिलाई करनी थी। गांव से बाहर जंगल के पास पहुंचते ही पारस राजपूत सफेद रंग की ऑल्टो कार में वहां पहुंचा।
जैसे ही पारस ने रूबी को जबरन कार में खींचने की कोशिश की, मां सुनीता ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसी दौरान आरोपी ने दरांती से सुनीता के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर रूप से घायल सुनीता वहीं लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम करीब 5 बजे उनकी मौत हो गई।
इस नृशंस घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश फैल गया। दलित समुदाय के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए हंगामा किया। राजनीतिक दलों के नेताओं का भी गांव में आना-जाना शुरू हो गया, जिससे प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया।
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पुलिस जांच में सामने आया है कि पारस और रूबी एक-दूसरे को पहले से जानते थे और पिछले तीन वर्षों से उनके बीच प्रेम संबंध था। पारस कपसाड़ गांव में ही एक डॉक्टर के यहां कंपाउंडर के तौर पर काम करता था। हालांकि, प्रेम संबंध होने के बावजूद अपहरण और हत्या जैसी वारदात ने पूरे मामले को गंभीर आपराधिक रूप दे दिया है।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद से पारस के माता-पिता और दोनों भाई फरार हैं। फिलहाल उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। वहीं, पूछताछ के लिए आरोपी के दादा-दादी को कोतवाली में बैठाया गया है, ताकि पारस की गतिविधियों और परिवार की भूमिका की जानकारी जुटाई जा सके।