
यूपी सरकार की गाड़ी चलाते पकड़ाया नाबालिग (Img: AI Generated Image)
Kanpur: सड़क सुरक्षा को लेकर लगातार चलाए जा रहे अभियान के बीच कानपुर में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सभी को हैरान कर दिया। शहर के गंगा बैराज मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस ने एक तेज रफ्तार कार को रोका, जिस पर ‘उत्तर प्रदेश सरकार’ का बोर्ड लगा हुआ था। लेकिन जब पुलिस ने चालक को देखा तो वह चौंक गई, क्योंकि कार कोई अधिकारी नहीं बल्कि महज 15 साल का किशोर चला रहा था।
ब्लू वर्ल्ड से गंगा बैराज जाने वाले मार्ग पर ट्रैफिक पुलिस की टीम वाहन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान तेज गति से आती एक कार पर पुलिस की नजर पड़ी। कार पर सरकारी पहचान दर्शाने वाला बोर्ड लगा था, इसलिए पहले तो मामला सामान्य लगा, लेकिन ड्राइविंग सीट पर बैठे किशोर को देखकर पुलिसकर्मियों ने तुरंत वाहन रोक लिया।
पुलिस द्वारा पूछताछ किए जाने पर किशोर ने बताया कि वह कक्षा 10 का छात्र है। उसने कहा कि उसकी मां सेल्स टैक्स विभाग में अधिकारी हैं, जबकि उसके पिता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) में अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। कार में उसके साथ एक अन्य युवक भी मौजूद था, जो आगे वाली सीट पर बैठा था। जब पुलिस ने नाबालिग से वाहन चलाने के बारे में सवाल किया तो उसने बताया कि उसे कार चलाना सिखाया जा रहा था। हालांकि बाद में साथ बैठे युवक ने भी स्वीकार किया कि नाबालिग को वाहन चलाने देना गलती थी।
यातायात नियमों का उल्लंघन सामने आने के बाद ट्रैफिक पुलिस ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए वाहन का 25 हजार रुपये का चालान कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि नाबालिगों को वाहन चलाने की अनुमति देना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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पुलिस जांच में पता चला कि कार इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी निवासी सुशांत गौतम के नाम पर पंजीकृत है। अब वाहन स्वामी की जिम्मेदारी को लेकर भी नियमों के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
Location : Kanpur
Published : 17 June 2026, 5:15 PM IST