कानपुर होटल नेगी तोड़फोड़ कांड: ADCP कपिलदेव पर आरोप, हाईकोर्ट सख्त; पुलिस कमिश्नर 26 नवंबर को तलब

कानपुर के होटल ग्रांड नेगी में कथित तोड़फोड़ और लूटपाट के मामले में होटल मालकिन प्रीती वाजपेई ने पुलिस जांच पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में एडीसीपी कपिलदेव सिंह की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं। हाईकोर्ट ने उन्हें पक्षकार बनाने की मांग स्वीकार कर नोटिस जारी किया है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 28 October 2026, 2:18 PM IST

Kanpur: होटल में जेसीबी से तोड़फोड़, लूटपाट और पुलिस की भूमिका को लेकर उठे सवाल अब इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच गए हैं। कानपुर के होटल ग्रांड नेगी में हुई कथित तोड़फोड़ के मामले में पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए होटल मालकिन प्रीती वाजपेई ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। याचिका में एडीसीपी कपिलदेव सिंह पर भी घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें पक्षकार बनाने की मांग स्वीकार कर नोटिस जारी किया है।

होटल में जेसीबी से तोड़फोड़ और लूटपाट का आरोप

मामला कानपुर के होटल ग्रांड नेगी में कुछ महीने पहले हुई कथित तोड़फोड़ से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ लोग जेसीबी लेकर होटल पहुंचे और वहां तोड़फोड़ करने के साथ लूटपाट भी की। घटना के वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आया था। होटल मालकिन प्रीती वाजपेई की ओर से आरोप लगाया गया कि शुरुआती दौर में घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में उच्चाधिकारियों के निर्देश पर रावतपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, शिकायतकर्ता का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी जांच में तेजी नहीं दिखाई गई और आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।

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एडीसीपी कपिलदेव सिंह को भी पक्षकार बनाने की मांग

होटल मालकिन की याचिका में पुलिस की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि घटना में पुलिसकर्मी भी शामिल थे। इसके समर्थन में कुछ तस्वीरें और वीडियो फुटेज अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है। याचिका में एडीसीपी कपिलदेव सिंह का नाम भी शामिल करते हुए उन्हें पक्षकार बनाने की मांग की गई थी। हाईकोर्ट ने इस मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। हालांकि, अदालत में लगाए गए आरोपों के आधार पर किसी अधिकारी की भूमिका को दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता। मामले में वास्तविक जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी।

पुलिस कमिश्नर को पेश होने का निर्देश

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की कथित भूमिका को गंभीरता से लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने निर्देश दिया कि मामले की जांच पुलिस कमिश्नर की निगरानी में होनी चाहिए, क्योंकि आरोपों में पुलिस के उच्चाधिकारियों की भूमिका का भी जिक्र किया गया है। हाईकोर्ट ने कानपुर के पुलिस कमिश्नर को 26 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से शपथपत्र के साथ उपस्थित होने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भेजने के निर्देश भी दिए हैं। अब मामले में पुलिस कमिश्नर की ओर से दाखिल किए जाने वाले शपथपत्र और आगे होने वाली सुनवाई पर नजर रहेगी।

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वायरल वीडियो के बाद दर्ज हुई थी एफआईआर

होटल ग्रांड नेगी में तोड़फोड़ की घटना के वीडियो सामने आने के बाद मामला सुर्खियों में आया था। होटल मालकिन का आरोप है कि शुरुआत में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई और बाद में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद जांच संतोषजनक तरीके से आगे नहीं बढ़ी। याचिका में विवेचना में कथित लापरवाही, आरोपियों की गिरफ्तारी न होने और पुलिसकर्मियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। अदालत में तस्वीरें और वीडियो फुटेज पेश किए जाने की बात भी सामने आई है। अब इन आरोपों की जांच किस तरह आगे बढ़ती है, यह महत्वपूर्ण होगा।

Location :  Kanpur

Published :  28 October 2026, 2:18 PM IST