‘पापा कब आएंगे?’ मासूम बेटी का सवाल और दरवाजे पर टकटकी लगाए मां… ड्रोन हमले ने उजाड़ दिया कानपुर का परिवार

काला सागर में ड्रोन हमले में कानपुर निवासी मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता की मौत हो गई। परिवार पिछले 10 दिनों से उनके पार्थिव शरीर के भारत आने का इंतजार कर रहा है। पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि प्रशासन ने हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 29 July 2026, 11:17 AM IST

Kanpur: तुर्किये से रूस जा रहे मालवाहक जहाज एमवी ओमोर्फी पर हुए ड्रोन हमले में कानपुर के शास्त्री नगर निवासी और मर्चेंट नेवी के चीफ ऑफिसर सागर गुप्ता (30) की मौत हो गई। यह हमला 18 जुलाई को काला सागर में हुआ था। घटना के बाद से परिवार गहरे सदमे में है और पिछले 10 दिनों से सागर के पार्थिव शरीर के घर पहुंचने का इंतजार कर रहा है।

22 जुलाई को मिली मौत की खबर

सागर के बड़े भाई मनीष गुप्ता ने बताया कि सागर 14 जून को घर से ड्यूटी पर निकले थे और 17 जून को तुर्किये से रूस जाने वाले जहाज पर सवार हुए थे। यात्रा के दौरान उनकी परिवार से बातचीत होती रही, लेकिन 18 जुलाई के बाद उनका फोन बंद हो गया। 22 जुलाई को एक साथी क्रू मेंबर के फोन से परिवार को उनके निधन की जानकारी मिली।

परिवार को अब भी इंतजार

परिजनों का कहना है कि अब तक उन्हें किसी स्तर से स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है कि सागर का पार्थिव शरीर कब भारत लाया जाएगा। डीजी शिपिंग कार्यालय ने आवश्यक दस्तावेज और पासपोर्ट संबंधी जानकारी मांगी है। परिवार लगातार औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है। देर शाम जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह और एडिशनल सीपी डॉ. विपिन ताडा ने परिवार से मुलाकात कर हरसंभव सहायता का भरोसा दिया।

पत्नी अब भी करती हैं फोन, बेटी वीडियो में ढूंढ रही पापा

सागर की पत्नी शालू अब भी कई बार उनके मोबाइल नंबर पर कॉल करती हैं, इस उम्मीद में कि दूसरी तरफ से सागर की आवाज सुनाई दे जाएगी। वहीं उनकी पांच साल की बेटी गौरी अपने पिता के पुराने वीडियो देखकर उनसे बातें करती है और कहती है कि इस बार वह उसके लिए बार्बी ड्रेस जरूर लेकर आएं। परिवार के लिए यह दर्द असहनीय हो गया है। सागर के परिवार में पत्नी, पांच साल की बेटी और आठ महीने का बेटा कृष्णा है।

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15 अगस्त पर मनाते थे जन्मदिन

परिवार ने बताया कि सागर का जन्मदिन 15 अगस्त को पड़ता था। काम के कारण वह अक्सर घर से दूर रहते थे, लेकिन हर साल वीडियो कॉल के जरिए परिवार के साथ तिरंगा लेकर केक जरूर काटते थे। इस बार परिवार उसी दिन का इंतजार कर रहा था, लेकिन उससे पहले ही यह दुखद खबर आ गई।

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मां को अब भी बेटे का इंतजार

सागर की मां रामा देवी को सुनाई नहीं देता। परिजनों ने उन्हें केवल इतना बताया है कि सागर घायल हैं और जल्द घर लौटेंगे। वह बेटे की तस्वीर हाथ में लेकर दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठी रहती हैं। पूरा परिवार अब केवल एक ही उम्मीद लगाए हुए है कि जल्द से जल्द सागर का पार्थिव शरीर घर पहुंचे, ताकि अंतिम विदाई दी जा सके।

Location :  Kanpur

Published :  29 July 2026, 11:17 AM IST