
जिला प्रशासन की नशामुक्ति अभियान की शुरुआत (Img: Dynamite News)
Deoghar: बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर में बढ़ते नशे के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने नशामुक्ति अभियान की शुरुआत की है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने समाहरणालय परिसर से तीन विशेष जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इन रथों के माध्यम से गांवों, हाट-बाजारों, स्कूल-कॉलेजों और शहरी क्षेत्रों में लोगों को मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
प्रशासन की यह पहल ऐसे समय में शुरू हुई है जब देवघर और संताल परगना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी और सेवन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल के महीनों में पुलिस और आबकारी विभाग ने कई बड़ी कार्रवाई करते हुए गांजा और अन्य मादक पदार्थों की खेप जब्त की है। कुंडा थाना क्षेत्र में अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ और कई कथित ड्रग्स पेडलरों की गिरफ्तारी इस समस्या की गंभीरता को दर्शाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नशे की लत सबसे अधिक युवाओं को प्रभावित करती है। देवघर में बड़ी संख्या में छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा और बाहर से आने वाले लोग रहते हैं। ऐसे में नशे का अवैध कारोबार तेजी से अपने पैर पसार सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार नशा मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन और सामाजिक संतुलन पर गंभीर प्रभाव डालता है।
नशा दूर करने के लिए बड़ा अभियान (Img: Dynamite News)
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हालांकि सामाजिक कार्यकर्ताओं और विशेषज्ञों का मानना है कि केवल जागरूकता रथ, पोस्टर और पंपलेट इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं। नशे के खिलाफ प्रभावी लड़ाई के लिए पुलिस कार्रवाई, पुनर्वास केंद्रों की मजबूती, काउंसिलिंग और सामुदायिक भागीदारी भी जरूरी है।
प्रशासन की पहल का स्वागत किया जा रहा है, लेकिन इसकी सफलता का आकलन केवल कार्यक्रमों से नहीं बल्कि जमीनी परिणामों से होगा। यदि नशे की उपलब्धता कम होती है, युवा इससे दूर रहते हैं और तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई होती है, तभी इस अभियान को सफल माना जाएगा। फिलहाल देवघर की जनता को अब जागरूकता से ज्यादा ठोस नतीजों का इंतजार है।
Location : Deoghar
Published : 16 June 2026, 1:20 PM IST