
धान की फसल पर कब्जे की कोशिश का आरोप (Image: Dynamite News)
Jhansi: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले की मोंठ तहसील क्षेत्र में जमीन के विवाद को लेकर धान की तैयार फसल पर कब्जे की कोशिश का आरोप सामने आया है। पूंछ थाना क्षेत्र के अमगांव गांव की रहने वाली कन्ती देवी ने आरोप लगाया है कि उन्हें और उनके भतीजे को खेत पर जाने से रोका जा रहा है। विरोध करने पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने उपजिलाधिकारी मोंठ को प्रार्थना पत्र देकर फसल की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कन्ती देवी के प्रार्थना पत्र के अनुसार, उन्होंने अपने सगे भतीजे चन्द्रपाल सिंह के साथ वर्ष 2022 में मौजा अमगांव स्थित गाटा संख्या 135 और 136 की जमीन पंजीकृत बैनामे के माध्यम से खरीदी थी। उनका दावा है कि दोनों इस भूमि के मालिक और काबिज हैं। इसी खेत में धान की फसल बोई गई है, जो अब कटाई के लिए तैयार है।
एक तरफ गैरहाजिर BLO को फटकार, दूसरी तरफ गर्भवती महिला को राहत… झांसी में DM का एक्शन
महिला किसान ने सहखातेदार मीना देवी, उनके पति धर्मपाल और पुत्र बब्लू राज पर तैयार धान की फसल काटने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। कन्ती देवी का कहना है कि जब भी वह और उनके भतीजे खेत पर फसल देखने जाते हैं, तो कथित तौर पर लाठी-डंडे लेकर विवाद किया जाता है। आरोप है कि उन्हें खेत से चले जाने और दोबारा वहां दिखाई देने पर जान से मारने की धमकी दी गई।
कन्ती देवी ने अपने शिकायती पत्र में 21 अक्टूबर 2026 की शाम करीब पांच बजे हुई घटना का भी उल्लेख किया है। उनके आरोप के मुताबिक, उस दिन खेत पर पहुंचने पर तीनों लोगों ने गाली-गलौज की और फसल काटने की बात कही। पीड़िता का यह भी आरोप है कि कानूनी कार्रवाई करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
झांसी में मंदिर मेले से 3 बाइक चोरी, पुलिस ने 4 आरोपियों को किया गिरफ्तार; 2 नाबालिग भी पकड़े गए
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह अपनी शिकायत लेकर पूंछ थाने पहुंचीं, लेकिन उनकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। इसके बाद उन्होंने उपजिलाधिकारी मोंठ से गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि धान की फसल की कटाई के दौरान सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए और मामले में जांच कराकर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
धान की तैयार फसल को लेकर सामने आए इस विवाद में अब प्रशासन की भूमिका अहम हो गई है। कन्ती देवी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कार्रवाई की जानकारी सामने आना बाकी है। जमीन के स्वामित्व और फसल को लेकर विवाद का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत होना जरूरी है, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
Location : Jhansi
Published : 24 October 2026, 7:13 PM IST