
विमलेश मर्डर केस में जांच तेज (IMG: Dynamite News)
Amethi: अमेठी के चर्चित विमलेश हत्याकांड की गुत्थी अब भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। करीब तीन महीने पहले हुई इस सनसनीखेज हत्या का राज अब तक नहीं खुल सका है। शुरुआती जांच, गवाहों के बयान और पहले कराए गए पॉलीग्राफ टेस्ट से भी कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगने के बाद अब पुलिस ने जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अदालत की मंजूरी मिलने के बाद अब तीन नए संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाएगा। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया से जांच एजेंसी को हत्या के पीछे छिपे सच तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
मुंशीगंज क्षेत्र के मडेरिका-सरुवांवा गांव निवासी गंगाप्रकाश सिंह की बहन विमलेश सिंह की हत्या के मामले में विवेचक प्रमोद कुमार पटेल ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुल्तानपुर नवनीत सिंह की अदालत में तीन संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने मंगलवार को इस अर्जी को स्वीकार कर लिया। खास बात यह रही कि जिन तीन संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट कराया जाना है, उन्होंने भी अपनी सहमति दे दी है। अब तय प्रक्रिया के तहत इन तीनों का टेस्ट कराया जाएगा।
यह मामला नौ मई की शाम का है। सुल्तानपुर जिले के बंधुआकला थाना क्षेत्र के लंगड़ी गांव निवासी 65 वर्षीय विमलेश सिंह की गला काटकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। हत्या की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका के भाई गंगाप्रकाश सिंह ने बंधुआकला थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद से पुलिस लगातार इस मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब तक किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।
जांच के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर समरभीम उर्फ लालू कोरी, अजय कोरी और राजबहादुर सिंह की भूमिका संदिग्ध मानते हुए उनका पॉलीग्राफ टेस्ट कराया था। पुलिस को उम्मीद थी कि इन टेस्टों के जरिए हत्या से जुड़े अहम सुराग मिल सकते हैं, लेकिन तीनों की पॉलीग्राफ रिपोर्ट निगेटिव आई। इससे जांच फिर एक बार नई दिशा में पहुंच गई और पुलिस को नए सिरे से संदिग्धों की तलाश करनी पड़ी।
पहले चरण की जांच में कोई ठोस सफलता नहीं मिलने के बाद विवेचक ने मामले से जुड़े अन्य तथ्यों, गवाहों के बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों का दोबारा विश्लेषण किया। इसी दौरान साक्षी सिंह, अशोक कुमार सिंह और राकेश कुमार के नाम जांच के दायरे में आए। पुलिस का मानना है कि इन तीनों से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं। जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। इसी आधार पर अदालत से इनके पॉलीग्राफ टेस्ट की अनुमति मांगी गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है।
Location : Amethi
Published : 30 July 2026, 12:58 PM IST