
सोनौली बॉर्डर से सौंपे गए शव (IMG: Dynamite News)
Maharajganj: नेपाल में आई अचानक बाढ़ की विनाशकारी तस्वीरें अब भारत-नेपाल सीमा तक पहुंचने लगी हैं। गंडक नदी की तेज और बेकाबू धार ने पांच जिंदगियां लील लीं और इन लोगों के शव बहकर भारत की सीमा में पहुंच गए। मंगलवार को कुशीनगर से दो महिलाओं और तीन पुरुषों के शव सोनौली बॉर्डर लाए गए। यहां भारतीय प्रशासन ने नेपाल के अधिकारियों से समन्वय कर शवों को उनके सुपुर्द कर दिया।
बाढ़ की इस त्रासदी के बीच सीमा पर एक ऐसा दृश्य भी देखने को मिला, जिसने इंसानियत की तस्वीर पेश की। जिन परिवारों के अपने लोग अचानक बाढ़ के बाद लापता हो गए थे, अब उनके शवों को नेपाल पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रशासन की कोशिश है कि पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उनके परिजनों तक पहुंचाए जा सकें।
जानकारी के मुताबिक नेपाल में अचानक आई बाढ़ के दौरान पांच लोग गंडक नदी की तेज धारा की चपेट में आ गए थे। बाढ़ का पानी और नदी की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोग उसके बहाव में बह गए। इसके बाद इन पांचों के शव भारत की ओर बहते हुए कुशीनगर जिले में पहुंचे। स्थानीय स्तर पर शव बरामद होने के बाद भारतीय प्रशासन ने उनकी पहचान और सुरक्षित तरीके से नेपाल भेजने की प्रक्रिया शुरू की।
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बताया गया कि कुशीनगर जिले में गंडक नदी से बरामद पांच शवों में दो शव बरवा पट्टी थाना क्षेत्र और तीन शव खड्डा थाना क्षेत्र से मिले थे। शव मिलने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेपाल प्रशासन से संपर्क किया। उद्देश्य था कि शवों को औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नेपाल पहुंचाया जाए, ताकि वहां उनकी पहचान कर परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
मंगलवार शाम करीब चार बजे कुशीनगर के उपजिलाधिकारी विवेकशील यादव, तहसीलदार देवेंद्र यादव और तहसीलदार संदीप यादव पांच शव लेकर सोनौली पहुंचे। इनमें दो महिलाओं और तीन पुरुषों के शव शामिल थे। शवों को सुरक्षित तरीके से सोनौली बॉर्डर तक लाया गया, जहां नेपाल पुलिस के अधिकारियों को उन्हें सौंपने की कार्रवाई की गई।
सोनौली बॉर्डर पर नेपाल के बेलहिया थाना प्रभारी उपनिरीक्षक हरिराम डांगी को पांचों शव सौंपने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद सभी शवों को शव वाहनों के जरिए नेपाल के बुटवल भेजा जा रहा है। वहां नेपाल पुलिस शवों की पहचान कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी।पहचान होने के बाद शवों को संबंधित परिवारों को सौंपा जाएगा।
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सोनौली थाना अध्यक्ष महेंद्र मिश्रा ने बताया कि कुशीनगर से पांच शव सोनौली लाए गए हैं। नेपाल पुलिस को शव सुपुर्द करने के बाद उन्हें बुटवल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि बुटवल में शवों की पहचान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद शव उनके परिजनों को सौंपे जाएंगे।
गंडक नदी की बाढ़ ने इस त्रासदी में भारत और नेपाल की भौगोलिक सीमा की दूरी को भी मानो मिटा दिया। नेपाल में शुरू हुई आपदा का असर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी दिखाई दिया। तेज बहाव में बहकर शवों का भारत पहुंचना इस बात का संकेत है कि नदी के बढ़े जलस्तर और तेज धार का असर कितना व्यापक हो सकता है।
बाढ़ के बाद किसी व्यक्ति का अचानक लापता हो जाना परिवार के लिए सबसे बड़ा सदमा होता है। ऐसे में कई परिवारों की नजर लगातार अपने लापता परिजनों की तलाश पर रहती है। अब पांच शवों को नेपाल भेजे जाने के बाद उनके परिवारों को उम्मीद जगी है कि पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें अपने प्रियजनों के अंतिम दर्शन हो सकेंगे और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
Location : Maharajganj
Published : 1 September 2026, 8:13 PM IST
Topics : Gandak River Flood Indo Nepal border Maharajganj News (महाराजगंज न्यूज़) Nepal Flood Sonauli Border News