
गौवंशों की मौत पर प्रशासन ने कसा शिकंजा (IMG: Dynamite News)
Budaun: जिले की गौशालाओं में गौवंशों की मौत के मामले में डाइनामाइट न्यूज़ की खबर का बड़ा असर हुआ है। विकास खंड म्याऊं की अभिगांव और सालारपुर की ब्यौर गौशाला में अधिक बारिश के बाद हाइपोथर्मिया से हुई गौवंशों की मौत के मामले में जिला प्रशासन ने जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दो पशु चिकित्साधिकारियों को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू की गई है, जबकि दोनों संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। दोनों गौशालाओं का संचालन करने वाले एनजीओ को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है।
गौशालाओं में गौवंशों की मौत का मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने दोनों घटनाओं की अलग-अलग जांच के लिए कमेटियों का गठन किया था। प्रशासन के मुताबिक, विकास खंड म्याऊं की अभिगांव गौशाला की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती गामिनी सिंगला की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई थी। वहीं, विकास खंड सालारपुर की ब्यौर गौशाला की जांच की जिम्मेदारी ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्री सांई आश्रित शाखमुरी की अध्यक्षता वाली कमेटी को दी गई थी।
जांच रिपोर्ट के आधार पर म्याऊं और सालारपुर के पशु चिकित्साधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के लिए अपर मुख्य सचिव, पशुपालन विभाग, उत्तर प्रदेश शासन को पत्र भेजा गया है। इसके अलावा बदायूं के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है। प्रशासन ने डॉ. अब्दुल रहीम, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जो 27 सितंबर 2026 को प्रभारी मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बदायूं भी थे, को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि देने की कार्रवाई की है।
गौशालाओं की व्यवस्थाओं में लापरवाही को लेकर संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों पर भी कार्रवाई हुई है। प्रशासन ने अभिगांव, विकास खंड म्याऊं और ब्यौर, विकास खंड सालारपुर के ग्राम पंचायत सचिवों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्रशासन की कार्रवाई सिर्फ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही। अभिगांव और ब्यौर गौशालाओं का संचालन करने वाले दोनों एनजीओ को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। गौशालाओं के संचालकों के खिलाफ संबंधित थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है। प्रशासन के मुताबिक, अभिगांव गौशाला के मामले में एफआईआर के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
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इन घटनाओं के बाद जिला प्रशासन ने जिले की सभी गौशालाओं की निगरानी बढ़ाने का फैसला किया है। प्रशासन के अनुसार, सभी गौशालाओं में अधिकारियों के माध्यम से जांच कराई जा रही है और अब साप्ताहिक जांच भी कराई जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि गौवंश आश्रय स्थलों में शासन की ओर से निर्धारित मानकों के अनुसार सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। खास तौर पर बारिश और ठंड जैसी परिस्थितियों में गौवंशों को किसी तरह की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने ऐसे गौवंश आश्रय स्थलों पर भी विशेष निगरानी के निर्देश दिए हैं, जहां अभी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। इन सभी आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। गौशालाओं में हुई मौतों के बाद प्रशासन की इस कार्रवाई को जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Location : Budaun
Published : 28 September 2026, 9:17 PM IST