ग्रेटर नोएडा में एक और बेटी की हत्या: पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के PSO की पोती चढ़ी दहेज की बलि

ग्रेटर नोएडा की एक शिक्षिका की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। परिवार का आरोप है कि शादी के बाद दहेज की मांग को लेकर लगातार प्रताड़ना दी गई और आखिरकार उनकी बेटी की जान चली गई।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 July 2026, 7:01 PM IST

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा की एक और बेटी की मौत ने दहेज उत्पीड़न के मामलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सादोपुर गांव की रहने वाली प्रियंका का शव जब पैतृक गांव पहुंचा तो परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। गमगीन माहौल में गांव के अंत्येष्टि स्थल पर प्रियंका का अंतिम संस्कार किया गया। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।

बीटेक और बीएड के बाद बनी थीं शिक्षिका

प्रियंका पढ़ाई में बेहद मेधावी थी। उन्होंने कंप्यूटर साइंस से बीटेक करने के बाद बीएड की पढ़ाई पूरी की थी और दिल्ली के एक स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। परिवार को उम्मीद थी कि बेटी अपने दम पर बेहतर भविष्य बनाएगी, लेकिन उसकी असमय मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।

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शादी के कुछ दिन बाद ही शुरू हो गई थी प्रताड़ना

प्रियंका के भाई नितिन ने बताया कि 8 फरवरी 2023 को प्रियंका की शादी मनीष भाटी से हुई थी। आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष ने दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। करीब एक साल पहले हालात इतने बिगड़ गए कि प्रियंका और उसके परिजनों ने दिल्ली के विनोद नगर थाने में दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद प्रियंका करीब चार महीने तक अपने मायके में रही।

पंचायत के बाद ससुराल लौटी

परिजनों का कहना है कि बाद में दोनों पक्षों के बीच पंचायत हुई, जिसमें पति और ससुराल पक्ष ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए भविष्य में प्रताड़ित न करने का भरोसा दिया। पंचायत के बाद प्रियंका दोबारा ससुराल चली गई। कुछ समय तक सब सामान्य रहा, लेकिन फिर दहेज की मांग और उत्पीड़न शुरू हो गया। परिवार का आरोप है कि यही प्रताड़ना आखिरकार उसकी मौत की वजह बनी।

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उच्च शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार से थी प्रियंका

प्रियंका का परिवार शिक्षा और सरकारी सेवाओं से जुड़ा हुआ है। उनके पिता अजीत बैसोया टकसाल से सेवानिवृत्त हैं। भाई नितिन एंटी टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) में कार्यरत हैं, जबकि दूसरे भाई मनीष प्रोफेसर हैं। बड़ी बहन नीतू दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर हैं। वहीं, उनके दिवंगत दादा चौधरी केशराम बैसोया भी दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रहे थे और अपने कार्यकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पीएसओ के रूप में भी सेवाएं दे चुके थे।

Location :  Greater Noida

Published :  14 July 2026, 7:01 PM IST