Greater Noida News: पिता-बेटे की मौत के बाद हाईराइज सोसायटियों में बालकनी की सुरक्षा पर उठे सवाल, पहले भी हो चुके हैं हादसे

ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी में 23वीं मंजिल से गिरकर पिता रणदीप पात्रा और उनके 11 वर्षीय बेटे आरव की मौत हो गई। शुरुआती जांच के मुताबिक, बारिश से गीली बालकनी में फूल तोड़ते समय बेटे का संतुलन बिगड़ा। उसे बचाने की कोशिश में पिता भी नीचे गिर गए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 31 October 2026, 11:35 AM IST

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक हाईराइज सोसायटी में शुक्रवार सुबह हुए दर्दनाक हादसे ने हर किसी को झकझोर दिया। खाटू श्याम मंदिर जाने की तैयारी कर रहे एक परिवार की खुशियां कुछ ही पलों में मातम में बदल गईं। बालकनी में फूल तोड़ते समय 11 वर्षीय बेटा 23वीं मंजिल से नीचे गिरने लगा। उसे बचाने की कोशिश में पिता भी अपना संतुलन खो बैठे। इस हादसे में पिता और बेटे दोनों की मौत हो गई। घटना के बाद एक बार फिर हाईराइज सोसायटियों में बालकनी की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

खाटू श्याम जाने से पहले हुआ दर्दनाक हादसा

यह घटना ग्रेटर नोएडा वेस्ट की महागुन मायवुड्स सोसायटी के टावर-23 की है। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय रणदीप पात्रा और उनके 11 वर्षीय बेटे आरव के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, रणदीप और उनकी पत्नी अमृता श्रीमणि दिल्ली के केंद्रीय सचिवालय में सेक्शन ऑफिसर थे। परिवार पिछले चार साल से सोसायटी में रह रहा था।

परिवार को शुक्रवार को राजस्थान के सीकर स्थित खाटू श्याम मंदिर जाना था। इसके लिए सुबह करीब चार बजे दंपती उठ गए थे। मंदिर जाने से पहले घर में तैयारियां चल रही थीं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर में परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ेगा।

फूल तोड़ते समय बिगड़ा संतुलन, बेटे को बचाने में पिता भी गिरे

पुलिस ने पत्नी अमृता के बयान के आधार पर बताया कि बालकनी में बेल पर लगे फूल तोड़ने के लिए सीढ़ी लगाई गई थी। शुरुआती जांच के अनुसार, आरव सीढ़ी पर चढ़कर फूल तोड़ रहा था। इस दौरान उसका एक पैर करीब साढ़े चार फीट ऊंची रेलिंग पर था।

सुबह बारिश होने के कारण बालकनी और रेलिंग गीली थीं। इसी दौरान सीढ़ी का संतुलन बिगड़ा और आरव का पैर फिसल गया। बेटे को नीचे गिरता देखकर रणदीप उसे बचाने के लिए आगे बढ़े, लेकिन उनका संतुलन भी बिगड़ गया। दोनों 23वीं मंजिल से नीचे क्लब की छत पर जा गिरे। हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के समय अमृता दूसरे कमरे में मंदिर जाने के लिए तैयार हो रही थीं। नोएडा के डीसीपी प्रवीण रंजन सिंह के मुताबिक, मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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हाईराइज सोसायटियों में बालकनी की सुरक्षा पर सवाल

यह हादसा एक बार फिर बहुमंजिला इमारतों में बालकनी की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा रहा है। दिल्ली-एनसीआर की कई सोसायटियों में पहले भी बच्चों और किशोरों के ऊंचाई से गिरने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। 21 मार्च 2026 को गौड़ सिटी के सातवें एवेन्यू में तीन वर्षीय बच्चे की 12वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई। 10 मार्च 2026 को गौड़ सिटी-1 में तीन साल का बच्चा 12वीं मंजिल की बालकनी से गिर गया। 29 नवंबर 2024  को सेक्टर-114 की पैरामाउंट इमोशंस सोसायटी में 14 वर्षीय छात्र की 14वीं मंजिल से गिरने से मौत हुई। 17 जुलाई 2023 को ऐस डिविनो में 12 वर्षीय विराट की 18वीं मंजिल से गिरकर मौत हुई। 23 अगस्त 2021 को कासा ग्रींस-1 में एक वर्षीय बच्चे की 12वीं मंजिल से गिरकर जान चली गई।

कई सोसायटियों में लगाए जा रहे सुरक्षा कवर

लगातार सामने आ रही घटनाओं के बाद कई सोसायटियों के निवासी बालकनियों में लोहे की ग्रिल और अन्य सुरक्षा कवर लगवा रहे हैं। हाईड पार्क, अंतरिक्ष गोल्फ व्यू, प्रतीक विस्टेरिया, एसोटेक, लोटल बुलेवर्ड और प्रतीक लॉरेल जैसी सोसायटियों में भी इस तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं।

Location :  Greater Noida

Published :  31 October 2026, 11:35 AM IST