सुबह 8 बजे घर से निकला शख्स, ठीक ढाई घंटे बाद रोहिणी नदी में तैरती मिली लाश; हत्या या हादसा? उलझी गुत्थी!

गोरखपुर के तिवारीपुर क्षेत्र में रामपुर नयागांव निवासी जगदीश निषाद (48) का शव शुक्रवार सुबह रोहिणी नदी में तैरता हुआ मिला। वह सुबह 8 बजे से लापता थे। आपदा मित्रों ने शव बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 19 June 2026, 1:25 PM IST

Gorakhpur: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के तिवारीपुर थाना क्षेत्र से एक बेहद चौंकाने वाली और दुखद घटना सामने आई है। यहाँ नयागांव के पास स्थित रोहिणी नदी में शुक्रवार सुबह एक 48 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। नदी में लाश तैरने की खबर जैसे ही फैली, पुलिस और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान स्थानीय ग्राम रामपुर नयागांव निवासी जगदीश निषाद (48) पुत्र हीरालाल के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और पूरे गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।

सुबह अचानक लापता हुए, ढाई घंटे बाद आया बुलावा

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, जगदीश निषाद शुक्रवार की सुबह करीब आठ बजे रोज की तरह अपने घर से बाहर निकले थे। लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटे, तो परिजनों को अनहोनी की चिंता सताने लगी। परिवार के लोगों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर उनकी खोजबीन शुरू की। इसी बीच, सुबह करीब 10:30 बजे नदी किनारे गए कुछ ग्रामीणों ने पानी की सतह पर एक मानव शरीर को तैरते हुए देखा। जब लोग नाव के सहारे नजदीक पहुंचे, तो उनकी पहचान जगदीश निषाद के रूप में हुई, जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

आपदा मित्रों ने कड़ी मशक्कत के बाद निकाला शव

हादसे की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस और तहसील प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही नायब तहसीलदार देवेंद्र यादव अपने सहयोगियों और राजस्व टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उनके निर्देश पर राहत कार्य शुरू किया गया। मौके पर बुलाई गई आपदा मित्रों की रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत और सूझबूझ के बाद शव को गहरे पानी से बाहर निकालकर किनारे पहुंचाया। पुलिस ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए शव का पंचनामा भरा और मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए उसे पोस्टमार्टम के लिए बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है।

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शव पर मिले संदिग्ध निशान और गहराया रहस्य

हालांकि प्रशासनिक तौर पर इसे पैर फिसलने या डूबने से हुई मौत का मामला माना जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों और सूत्रों के मुताबिक, जगदीश एक कुशल तैराक थे और उनके लिए रोहिणी नदी के इस शांत हिस्से में डूबना सामान्य नहीं था। इसके अलावा, शव को पानी से बाहर निकालने के बाद उनके शरीर पर कुछ हल्के घिसटने या चोट के संदिग्ध निशान दिखाई देने की बात भी सामने आ रही है। परिजनों ने दबी जुबान में किसी पुरानी रंजिश के चलते हत्या कर शव को नदी में फेंके जाने की आशंका जताई है, जिसने इस पूरे मामले को रहस्यमयी बना दिया है।

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नदी के गहरे हिस्सों को लेकर प्रशासन की चेतावनी

नायब तहसीलदार और स्थानीय पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोहिणी नदी के कई हिस्सों में पानी का बहाव और गहराई बहुत ज्यादा है, जहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। प्रशासन ने पीड़ित परिवार को नियमानुसार हरसंभव सरकारी सहायता दिलाने का भरोसा दिया है। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की है कि वे नदी और गहरे जलाशयों के किनारे जाते समय विशेष सावधानी बरतें। पुलिस फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  19 June 2026, 1:25 PM IST