गोरखपुर बाढ़ खंड कार्यालय में हाईवोल्टेज ड्रामा: अधिशासी अभियंता पर हमले का आरोप, वरिष्ठ सहायक ने कहा- मेरा हो रहा उत्पीड़न

गोरखपुर के बाढ़ खंड कार्यालय में दो अधिकारियों के बीच विवाद ने पूरे विभाग में हलचल मचा दी है। अधिशासी अभियंता ने मारपीट और जान से मारने की धमकी का आरोप लगाया है, जबकि वरिष्ठ सहायक खुद को प्रताड़ित किए जाने की बात कह रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 23 July 2026, 8:39 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर के सिंचाई विभाग/बाढ़ खंड कार्यालय में गुरुवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब अधिशासी अभियंता बिपिन बिहारी सिंह और विभाग के वरिष्ठ सहायक दीपक पाण्डेय के बीच विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। अधिशासी अभियंता ने आरोप लगाया कि कार्यालय में उनके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई और उन्हें घेरकर हमला किया गया।

घटना के बाद पूरे कार्यालय में अफरातफरी मच गई। कर्मचारियों और आसपास मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह मामला शांत कराया।

अधिशासी अभियंता ने लगाया ये आरोप

अधिशासी अभियंता बिपिन बिहारी सिंह का आरोप है कि वरिष्ठ सहायक दीपक पाण्डेय लंबे समय से अनुशासनहीनता, अभद्र व्यवहार और धमकीपूर्ण भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। उनका कहना है कि गुरुवार को आरोपी कर्मचारी अपने समर्थकों के साथ कार्यालय पहुंचा और विवाद के दौरान धक्का-मुक्की करते हुए हमला कर दिया, जिससे उन्हें चोटें आईं। उन्होंने दावा किया कि उन्हें पहले भी धमकी दी गई थी कि जरूरत पड़ने पर 15–20 लोगों को बुलाकर उनके आवास से उठा लिया जाएगा। कथित बातचीत में यह भी कहा गया कि "सिक्टौर के लड़के हमारे साथ हैं, सभी आ जाएंगे।

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अधिशासी अभियंता का आरोप है कि इस तरह की भाषा से स्पष्ट है कि उन्हें लगातार भय और दबाव में रखने का प्रयास किया जा रहा था।

क्या है इस विवाद की जड़?

बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ विभाग में लागू की जा रही ई-ऑफिस प्रणाली है। अधिशासी अभियंता के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रमुख अभियंता के निर्देशानुसार सभी कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से कराए जा रहे हैं और वेतन भुगतान भी इसी व्यवस्था से जोड़ा गया है। उनका आरोप है कि इसी व्यवस्था का विरोध करते हुए वरिष्ठ सहायक अन्य कर्मचारियों को भड़का रहे थे और विरोध के लिए लामबंद कर रहे थे।

घटना के बाद अधिशासी अभियंता स्थानीय थाना पहुंचे और लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि गंभीर आरोपों के बावजूद देर शाम तक पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई न ही तहरीर ली गई।उन्होंने पूरे मामले की सूचना उच्चाधिकारियों को भी भेजते हुए संबंधित कर्मचारी के खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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आरोपों को किया खारिज

वहीं, वरिष्ठ सहायक दीपक पाण्डेय ने अधिशासी अभियंता के सभी आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी ठोस कारण के निलंबित कर दिया गया और पिछले तीन महीनों से वेतन भी नहीं दिया गया, जिससे उनका परिवार आर्थिक संकट में है। उन्होंने बताया कि उनका बच्चा गंभीर रूप से बीमार है और वह अपनी समस्या रखने के लिए अधिशासी अभियंता से मिलने गए थे। बातचीत के दौरान तीखी बहस जरूर हुई, लेकिन किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर प्रताड़ित किया जा रहा है और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की।

फिलहाल दोनों पक्ष आमने-सामने हैं। एक ओर अधिशासी अभियंता ने जानलेवा हमले और धमकी के गंभीर आरोप लगाए हैं, तो दूसरी ओर वरिष्ठ सहायक स्वयं को उत्पीड़न का शिकार बता रहे हैं। मामले की शिकायत पुलिस और विभागीय अधिकारियों के पास पहुंच चुकी है।

Location :  Gorakhpur

Published :  23 July 2026, 8:39 PM IST