GDA में आवास दिलाने का झांसा देकर लाखों की ठगी, फर्जी कर्मचारी बनकर घूम रहा आरोपी; ऐसे हुई गिरफ्तारी

गोरखपुर में सरकारी आवास दिलाने के नाम पर चल रहे एक ऐसे खेल का खुलासा हुआ है जिसने कई लोगों को हैरान कर दिया। आरोपी लंबे समय से खुद को प्रभावशाली बताकर लोगों का भरोसा जीत रहा था। आखिर वह कौन था, कैसे लोगों को अपने जाल में फंसाता था।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 8 June 2026, 6:36 PM IST

Gorakhpur: गोरखनाथ पुलिस ने आवास दिलाने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी खुद को गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) का कर्मचारी बताकर लोगों को सरकारी आवास दिलाने का झांसा देता था और उनसे मोटी रकम वसूलकर फर्जी दस्तावेज थमा देता था।

आरोपी पर लगे ये आरोप

पुलिस के अनुसार, थाना गोरखनाथ में दर्ज मुकदमा संख्या 026/2026 के तहत आरोपी विजय प्रताप के खिलाफ कूटरचना, धोखाधड़ी और धन हड़पने का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि विजय प्रताप ने स्वयं को जीडीए का कर्मचारी बताते हुए आवास आवंटित कराने का भरोसा दिलाया और इसके एवज में रुपये ले लिए। बाद में उसने कथित आवंटन से जुड़े फर्जी कागजात भी उपलब्ध करा दिए। जब दस्तावेजों की जांच कराई गई तो पूरा मामला फर्जी निकला और पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का पता चला।

देवरिया में झमाझम बारिश से तापमान में गिरावट, मौसम हुआ सुहाना

पुलिस टीम ने शुरू की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी गोरखनाथ के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक गोरखनाथ विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी विजय प्रताप को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विजय प्रताप पुत्र स्वर्गीय संतराज निवासी भरपुरवा, भीटीरावत, थाना सहजनवा, जनपद गोरखपुर के रूप में हुई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। इससे पहले वर्ष 2023 में थाना सहजनवा में उसके खिलाफ धारा 406, 420, 504 और 506 के तहत धोखाधड़ी एवं अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज हो चुका है।

डेढ़ लाख की सुपारी, बिहार के शूटर और खौफनाक साजिश! 24 घंटे में खुला मनोज हत्याकांड का ऐसा राज

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं, आवास आवंटन या नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले तत्वों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। आम जनता से भी अपील की गई है कि किसी भी व्यक्ति के झांसे में आने से पहले उसकी पहचान और दावों की सत्यता की जांच अवश्य करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक अनुराग सिंह एवं उपनिरीक्षक रजत त्रिपाठी शामिल रहे।

Location :  Gorakhpur

Published :  8 June 2026, 6:27 PM IST