
घी में मिलावट पर बड़ी कार्रवाई (Img: Pinterest)
New Delhi: घी की गुणवत्ता और खाद्य सुरक्षा मानकों को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सख्त कार्रवाई की है। खाद्य सुरक्षा नियमों के गंभीर उल्लंघन के मामले में प्राधिकरण ने दो कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। नई दिल्ली की मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का खाद्य कारोबार लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दमन की एसडीपी इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड को अपने सभी प्रकार के घी की बिक्री तत्काल प्रभाव से रोकने का निर्देश दिया गया है।
FSSAI के मुताबिक दोनों कंपनियों के प्रतिष्ठानों की जांच और उसके बाद की गई पड़ताल में खाद्य सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद मार्शे रिटेल का लाइसेंस निलंबित किया गया, जबकि एसडीपी इंडस्ट्रीज के घी उत्पादों की बिक्री पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई।
मार्शे रिटेल के प्रतिष्ठान की जांच में साफ-सफाई, परिसर की व्यवस्था, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और कामकाज से जुड़ी कमियां मिलीं। इसके अलावा खाद्य पदार्थों को संभालने वाले कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जरूरी रिकॉर्ड के रखरखाव में भी खामियां पाई गई।
एसडीपी इंडस्ट्रीज के कई घी उत्पादों के नमूनों की प्रयोगशाला जांच में ए-साइटोस्टेरॉल पाया गया। FSSAI के अनुसार यह वनस्पति स्टेरॉल है, जो शुद्ध घी में नहीं होना चाहिए। जांच में घी के फैटी एसिड की संरचना भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई।
प्राधिकरण के मुताबिक जांच के निष्कर्षों से घी में बाहरी या वनस्पति वसा की मौजूदगी की आशंका सामने आई है। इसी आधार पर कंपनी को घी की बिक्री रोकने का निर्देश दिया गया है।
एसडीपी इंडस्ट्रीज के जिन घी उत्पादों की जांच की गई, उनमें श्रद्धा, श्री सरस और गोकुल नाम से बाजार में बेचे जाने वाले उत्पाद भी शामिल हैं। FSSAI के अनुसार ये उत्पाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं पाए गए।
कंपनी को अपने अधिकृत परिसरों में निर्मित, रखे या बिक्री के लिए उपलब्ध सभी प्रकार के घी की बिक्री तत्काल बंद करने को कहा गया है। साथ ही यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि संबंधित उत्पाद बाजार में न पहुंचें और उपभोक्ताओं को न बेचे जाएं।
नई दिल्ली स्थित मार्शे रिटेल प्राइवेट लिमिटेड का खाद्य कारोबार लाइसेंस 30 दिनों के लिए निलंबित किया गया है। इस अवधि में कंपनी को खाद्य कारोबार से जुड़ी सभी गतिविधियां बंद रखने का निर्देश दिया गया है। प्राधिकरण ने कंपनी को जांच के दौरान सामने आई कमियों को दूर करने के लिए भी कहा है।
FSSAI ने इससे पहले भी खाद्य और पेय पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई की है। प्राधिकरण के अनुसार हाल के महीनों में भ्रामक विज्ञापनों, गलत दावों और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन को लेकर 150 से अधिक नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें कई बड़ी खाद्य और पेय कंपनियां भी शामिल हैं।
FSSAI की इस कार्रवाई से खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग को लेकर निगरानी बढ़ने का संकेत मिलता है। खासकर घी जैसे रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों में मिलावट या मानकों के उल्लंघन को लेकर प्राधिकरण की सख्ती से कंपनियों पर गुणवत्ता मानकों का पालन करने का दबाव बढ़ेगा।
Location : New Delhi
Published : 23 August 2026, 6:51 PM IST