जिस लाल साड़ी ने जोड़ा था सात जन्मों का बंधन, उसी ने पहिये में फंसकर ली जान; जानें फतेहपुर के इस खौफनाक हादसे की पूरी कहानी

फतेहपुर में गंगा स्नान कर लौट रहे नवदंपत्ति भीषण हादसे का शिकार हो गए। बाइक के पहिये में साड़ी का पल्लू फंसने से नवविवाहिता रोशनी की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। मेहंदी लगे हाथों को देख सहम गए लोग। जानिए इस दर्दनाक हादसे की पूरी कहानी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 15 July 2026, 2:08 PM IST

Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के किशनपुर से आई एक हृदयविदारक घटना ने पारंपरिक पहनावे और दोपहिया वाहनों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। अभी महज एक महीने पहले चित्रकूट की रोशनी और जालंधरपुर के राम प्रसाद निषाद ने सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की थी।

शादी के बाद की पवित्र रस्मों को पूरा करने के लिए दोनों खुशी-खुशी बाइक से गंगा स्नान करने गए थे। लेकिन किसे पता था कि जो पवित्र गंगाजल उनके जीवन में खुशहाली लाने वाला था, वहां से लौटते समय बाइक के पहिये में लिपटी मौत उनका इंतजार कर रही थी।

एक पल की चूक और हवा में लहराता पल्लू बन गया फांसी का फंदा

हादसा किशनपुर नहर कॉलोनी के पास हुआ। रोशनी बाइक पर पारंपरिक तरीके से एक तरफ पैर करके बैठी हुई थीं। इसी दौरान हवा में लहराता उनकी साड़ी का पल्लू अचानक बाइक के पिछले पहिये के स्पोक्स (Spokes) में उलझ गया।

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रफ्तार के कारण पहिये ने पल्लू को इतनी तेजी से अंदर खींचा कि रोशनी सीधे सिर के बल सड़क पर गिर पड़ीं और काफी दूर तक घिसटती चली गईं। उनके मेहंदी लगे हाथ, जो कुछ देर पहले पूजा की थाली थामे हुए थे, सड़क पर खून से सन गए। पति राम प्रसाद भी संतुलन खोकर गिर पड़े और मामूली रूप से घायल हुए, लेकिन उनके सामने उनकी दुनिया उजड़ चुकी थी।

परिजनों की बेबसी और कड़वा सच

राहगीरों ने जब नवविवाहिता के हाथों की रची मेहंदी और यह वीभत्स मंजर देखा, तो उनकी रूह कांप गई। अस्पताल ले जाने पर रोशनी ने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने पुलिस से बिना किसी कानूनी कार्रवाई के शव को सौंपने की गुहार लगाते हुए कहा, रस्मों की वेदी पर हमारी बेटी चढ़ गई, अब किसी को दोष देकर क्या मिलेगा।

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किशनपुर थानाध्यक्ष योगेश कुमार ने बताया कि तहरीर न मिलने के कारण शव को परिजनों को सौंप दिया गया है। यह हादसा चीख-चीखकर आगाह करता है कि बाइक चलाते समय महिलाओं के ढीले कपड़े और बिना साड़ी-गार्ड के सफर करना सीधे मौत को दावत देना है।

Location :  Fatehpur

Published :  15 July 2026, 2:07 PM IST