
लॉन में चल रही फैक्टरी का भंडाफोड़ (IMG: Dynamite News)
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं में कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में नकली पोटाश बनाने वाली फैक्टरी का खुलासा हुआ है। बिल्सी-इस्लामनगर रोड पर खैरी गांव के पास एक बंद लॉन को कथित तौर पर गोदाम और फैक्टरी के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। शनिवार शाम छापेमारी के दौरान टीम ने यहां से नमक से तैयार की गई करीब 300 बोरियां बरामद कीं। मौके से नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, फैक्टरी में नमक को पोटाश के रूप में तैयार कर बाजार में बेचने की तैयारी थी।
कृषि विभाग को सूचना मिली थी कि खैरी गांव के पास एक बंद लॉन में संदिग्ध तरीके से कृषि उपयोग में आने वाली सामग्री तैयार की जा रही है। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने पुलिस के साथ मिलकर शनिवार शाम मौके पर छापा मारा। टीम जब लॉन के अंदर पहुंची तो वहां बड़े पैमाने पर नमक से तैयार की गई सामग्री और पैकिंग से जुड़ा सामान मिला। जांच के दौरान अधिकारियों ने करीब 300 कट्टे ऐसी सामग्री के बरामद किए, जिसे कथित तौर पर पोटाश के नाम पर तैयार किया जा रहा था।
बदायूं में दर्दनाक हादसा: अंतिम संस्कार से लौट रहे बाइक सवार को कार ने मारी टक्कर, एक की मौत
जिला कृषि अधिकारी मनोज रावत के मुताबिक, मौके से बरामद कट्टों पर इंडियन पोटाश लिमिटेड का नाम अंकित था। अधिकारियों को आशंका है कि इन्हीं कट्टों में तैयार सामग्री को भरकर बाजार में पोटाश के नाम पर बेचने की तैयारी की जा रही थी। छापेमारी के बाद कृषि विभाग की टीम ने मौके पर मौजूद सामग्री को कब्जे में ले लिया। देर शाम तक परिसर में जांच और बरामद सामान की पड़ताल जारी रही। विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि यहां तैयार की जा रही सामग्री कहां-कहां भेजी गई और इसके पीछे कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान फैक्टरी संचालक बताए जा रहे आरिफ को भी गिरफ्तार किया गया है। आरिफ बदायूं के सहसवान के पठान टोला का निवासी बताया गया है। उसके साथ फरियाद, विकास, राहुल, अजय, सुनील, संजू, सेवाराम निवासी गौसपुर और मुनीफ निवासी खैरी को भी गिरफ्तार किया गया है।
कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस जगह से केवल 300 कट्टे ही नहीं, बल्कि इससे पहले भी बड़ी मात्रा में कथित नकली पोटाश बाजार में भेजी जा चुकी है। विभाग के अनुसार, हजारों कट्टे यहां से बेचे जाने की आशंका है। हालांकि, यह सामग्री किन दुकानदारों या किन इलाकों में भेजी गई, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
कृषि उपयोग में आने वाले उत्पादों की गुणवत्ता सीधे किसानों की खेती और फसल उत्पादन से जुड़ी होती है। ऐसे में यदि नमक जैसी सामग्री को पोटाश बताकर किसानों को बेचा गया है, तो इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होने की आशंका भी जांच का हिस्सा होगी। फिलहाल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
Location : Budaun
Published : 20 September 2026, 1:26 PM IST
Topics : Agriculture Department Budaun Fake Fertilizer Budaun News Fake Potash Factory Uttar Pradesh News