Deoria News: जमीन की रजिस्ट्री में लाखों की स्टाम्प चोरी का मामला! DM ने लिया एक्शन

देवरिया में संपत्तियों की रजिस्ट्री और स्टाम्प शुल्क को लेकर जिलाधिकारी की जांच में बड़ा मामला सामने आया है। दो संपत्तियों का मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे डीएम मधुसूदन हुल्गी को एक मामले में 2.15 लाख रुपये के स्टाम्प शुल्क की कमी मिली। इसके बाद अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

Post Published By: Prashant Sharma
Updated : 4 November 2026, 6:32 PM IST

Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया में संपत्तियों की खरीद-बिक्री और स्टाम्प शुल्क के मूल्यांकन को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बुधवार को दो संपत्तियों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान एक संपत्ति के स्टाम्प शुल्क में 2 लाख 15 हजार रुपये की कमी मिली। मामला सामने आते ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

डीएम ने खुद मौके पर पहुंचकर की जांच

जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने जिले में संपत्तियों के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों और स्टाम्प शुल्क का स्थलीय सत्यापन किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने विशुनपुरा, तहसील देवरिया में स्थित एक संपत्ति का मूल्यांकन जांचा। यह संपत्ति विक्रेता गिरजाशंकर व अन्य की ओर से क्रेता बिंदु देवी के नाम निष्पादित लेखपत्र से संबंधित थी। मौके पर जांच के दौरान निर्धारित स्टाम्प शुल्क और जमा किए गए शुल्क में अंतर पाया गया। अधिकारियों की जांच में कुल 2,15,000 रुपये की कमी सामने आई।

2.15 लाख की कमी पर सख्त हुए जिलाधिकारी

संपत्तियों का मौके पर निरीक्षण करते हुए डीएम (Img: Dynamite News)

स्टाम्प शुल्क में इतनी बड़ी कमी मिलने पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने सहायक महानिरीक्षक निबंधन (एआईजी स्टाम्प) को संबंधित पक्ष के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। डीएम ने साफ किया कि संपत्तियों के क्रय-विक्रय में निर्धारित स्टाम्प शुल्क जमा करना जरूरी है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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दूसरी संपत्ति की जांच में मिली राहत

निरीक्षण के दूसरे चरण में जिलाधिकारी मेहड़ा नगर बाहर, तप्पा धतुरा स्थित व्यवसायिक भवन कल्पनाथ टावर पहुंचे। यहां उन्होंने भवन के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों और जमा किए गए स्टाम्प शुल्क की जांच की। इस संपत्ति के मामले में स्टाम्प मूल्यांकन अभिलेखों के अनुसार सही पाया गया। यानी जांच के दौरान दूसरी संपत्ति में किसी तरह की कमी सामने नहीं आई।

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रजिस्ट्री से पहले मूल्यांकन जांचने के निर्देश

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि संपत्तियों की रजिस्ट्री से पहले स्टाम्प मूल्यांकन की गंभीरता से जांच की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि क्रेता और विक्रेता की ओर से नियमानुसार पूरा स्टाम्प शुल्क जमा किया गया हो। उन्होंने कहा कि स्टाम्प शुल्क में कमी मिलने पर जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि सरकारी राजस्व को नुकसान न पहुंचे।

निरीक्षण के दौरान सहायक महानिरीक्षक निबंधन अजय धर्मपाल सिंह और उप निबंधक भी मौजूद रहे। अब इस मामले में आगे होने वाली विभागीय कार्रवाई पर नजर रहेगी।

Location :  Deoria

Published :  4 November 2026, 6:32 PM IST