देवरिया में दर्दनाक घटना: आवारा सांड ने ली किसान की जान, प्रशासन के खिलाफ विरोध

देवरिया के रुद्रपुर थाना क्षेत्र के पिडरा गांव में छुट्टा सांड के हमले में एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया और आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 10 June 2026, 2:39 PM IST

Deoria: देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। पिडरा गांव निवासी किसान तेजबहादुर साहनी की एक छुट्टा सांड के हमले में मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

अचानक हमले से गंभीर रूप से घायल हुए किसान

जानकारी के अनुसार तेजबहादुर साहनी सुबह अपने खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में एक छुट्टा सांड ने उन पर अचानक हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सांड ने किसान को सींगों से कई बार घायल किया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए।

हमले की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और किसी तरह सांड को वहां से भगाया। इसके बाद घायल किसान को उपचार के लिए ले जाने की कोशिश की गई, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उनकी जान नहीं बच सकी।

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मौत की खबर से गांव में पसरा मातम

किसान की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की समस्या लंबे समय से बनी हुई है और कई बार इसकी शिकायत प्रशासन से की जा चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया।

ग्रामीणों ने शव रखकर किया चक्का जाम

घटना से नाराज ग्रामीणों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आवारा पशुओं की समस्या के स्थायी समाधान, मृतक परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि छुट्टा सांड और अन्य आवारा पशु खेतों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ लोगों की जान के लिए भी खतरा बन चुके हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए नायब तहसीलदार सहित पुलिस बल को तैनात किया गया। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया।

प्रशासन की ओर से उचित कार्रवाई और आवश्यक सहायता का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति सामान्य करने की कोशिशें शुरू हुईं। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि जब तक छुट्टा पशुओं की समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी।

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समस्या के समाधान की उठी मांग

इस घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में छुट्टा पशुओं की समस्या चर्चा का विषय बन गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने और गांवों में घूम रहे आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसी त्रासदी का सामना न करना पड़े।

Location :  Deoria

Published :  10 June 2026, 2:39 PM IST