
गांवों में बदहाली की तस्वीर (Img: Dynamite News)
Deoria: देवरिया जिले के ग्रामीण इलाकों में विकास योजनाओं को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों की पोल एक बार फिर खुलती नजर आई है। जहां एक तरफ सरकारी फाइलों में विकास कार्यों की चमक दिखाई देती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है।
डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने रामपुर कारखाना, बैतालपुर और गौरी बाजार विकासखंड के कई गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया, जहां बुनियादी सुविधाओं की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाए गए शौचालयों की स्थिति खराब मिली। कई जगह शौचालय अधूरे हैं तो कहीं पानी की सुविधा नहीं है। मजबूरी में ग्रामीण आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं।
जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन कई गांवों में हैंडपंप खराब पड़े हैं। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की अनुपस्थिति, दवाओं की कमी और संसाधनों के अभाव ने स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति को कमजोर कर दिया है। मरीजों को निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है।
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कई विद्यालयों में जर्जर भवन, साफ-सफाई की कमी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखने को मिला। अभिभावकों का कहना है कि सुधार केवल कागजों में दिखाई देता है।
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गांवों में कूड़े के ढेर, जाम नालियां और गंदगी आम दृश्य बन चुके हैं। स्वच्छ भारत मिशन के दावे जमीन पर कमजोर नजर आते हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि योजनाएं केवल फाइलों और रिपोर्टों तक सीमित रह गई हैं। कई जगहों पर विकास कार्यों में लापरवाही और अनियमितता के आरोप भी सामने आए हैं।
Location : Deoria
Published : 13 June 2026, 5:44 PM IST