
मैनपुरी में कर्मचारियों की देशव्यापी हड़ताल (IMG: Dynamite News)
Mainpuri: मैनपुरी में शुक्रवार को देशव्यापी बैंक हड़ताल का असर साफ दिखाई दिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के आह्वान पर बैंक कर्मचारी और अधिकारी कामकाज से दूर रहे। 5-डे बैंकिंग लागू करने, प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (PLI) समेत अन्य लंबित मांगों को लेकर बैंक कर्मचारियों ने सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। बैंकों में कामकाज प्रभावित होने से मैनपुरी में करीब 300 से 400 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की बात कही गई है।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की है। कर्मचारियों का कहना है कि जब आरबीआई, सेबी और शेयर बाजारों में सप्ताह के पांच दिन कामकाज होता है तो बैंकों में भी 5-डे बैंकिंग लागू की जानी चाहिए। कर्मचारियों के मुताबिक, बैंकिंग क्षेत्र में डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। एटीएम, मोबाइल बैंकिंग और डिजिटल बैंकिंग के व्यापक इस्तेमाल के बावजूद बैंक कर्मचारियों पर काम का दबाव कम नहीं हुआ है।
बैंक ऑफ इंडिया ऑफिसर्स एसोसिएशन के आंचलिक अध्यक्ष शशांक पांडे ने मीडिया से बातचीत में 2024 में हुए समझौते का हवाला दिया। उन्होंने बताया कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक यूनियनों के बीच उस समय समझौता हुआ था, जिसमें 5-डे बैंकिंग लागू करने पर सहमति बनी थी।
उनका कहना है कि आरबीआई, सेबी और शेयर बाजारों की तर्ज पर बैंकों में भी पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करने की बात कही गई थी। लेकिन कर्मचारियों का आरोप है कि समझौते के बाद करीब दो से ढाई साल के दौरान सरकार और बैंक प्रबंधन के साथ कई दौर की बातचीत होने के बावजूद इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
प्रदर्शन कर रहे बैंक कर्मचारियों ने डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि आज बड़ी संख्या में बैंकिंग सेवाएं मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और एटीएम के जरिए उपलब्ध हैं। इसके बावजूद बैंक शाखाओं में काम करने वाले कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बना हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग लागू होने से उन्हें भी सप्ताह में दो दिन का नियमित अवकाश मिल सकेगा और कामकाज का बेहतर संतुलन बनाया जा सकेगा।
देशव्यापी हड़ताल का सीधा असर बैंकिंग सेवाओं पर पड़ा। मैनपुरी में भी बैंक कर्मचारियों के हड़ताल पर रहने से नियमित बैंकिंग कामकाज प्रभावित हुआ। स्थानीय स्तर पर करीब 300 से 400 करोड़ रुपये के कारोबार पर असर पड़ने की बात कही गई है। बैंक शाखाओं में कामकाज ठप रहने के कारण ग्राहकों और कारोबारियों के बैंक से जुड़े जरूरी काम प्रभावित हुए।
बैंक कर्मचारियों ने साफ संकेत दिया कि मौजूदा हड़ताल को उनकी मांगों के लिए चल रहे आंदोलन की एक कड़ी के तौर पर देखा जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन से 5-डे बैंकिंग समेत लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। कर्मचारियों का कहना है कि अगर उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया और 2024 में हुए समझौते के अनुसार 5-डे बैंकिंग लागू नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
Location : Mainpuri
Published : 11 September 2026, 1:23 PM IST